देश की खबरें | गाजी बाबा के मारे जाने के बाद नेतृत्व हीन हो गया था जैश-ए-मोहम्मद: बीएसएफ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वर्ष 2003 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अभियान में आतंकवादी गाजी बाबा के मारे जाने के बाद आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद लगभग नेतृत्व हीन हो गया था। बीएसएफ के इस अभियान पर बनी एक एक्शन फिल्म रिलीज के लिए तैयार है।

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल वर्ष 2003 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अभियान में आतंकवादी गाजी बाबा के मारे जाने के बाद आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद लगभग नेतृत्व हीन हो गया था। बीएसएफ के इस अभियान पर बनी एक एक्शन फिल्म रिलीज के लिए तैयार है।

इस अभियान के लिए अर्धसैनिक बल को दो सैन्य अलंकरणों सहित एक दर्जन वीरता पदक भी मिले थे।

यह अभियान 1965 में गठित बीएसएफ के आधिकारिक इतिहास की किताब में अंकित हो गया है। बीएसएफ का मुख्य कार्य देश की आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कर्तव्यों का निर्वहन करने के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी भारतीय सीमा की रक्षा करना है।

'ग्राउंड जीरो' नामक एक हिंदी फिल्म इस अभियान और उस समय के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक को मार गिराने वाले बीएसएफ के बहादुर अधिकारियों और जवानों के कारनामों पर आधारित है। यह फिल्म 25 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

अभिनेता इमरान हाशमी ने फिल्म में बीएसएफ के दूसरे नंबर के अधिकारी नरेन्द्र नाथ धर दुबे की भूमिका निभाई है, जिन्होंने आतंकवादी गाजी बाबा को मार गिराने के अभियान का नेतृत्व किया था।

बीएसएफ ने राणा ताहिर नदीम उर्फ ​​गाजी बाबा की तलाश उस दिन से ही शुरू कर दी थी, जब दिसंबर 2001 में जैश-ए-मोहम्मद ने भारतीय संसद पर हमला किया था।

बीएसएफ के इतिहास के बारे में लिखी गयी 319 पृष्ठों की इस पुस्तक के मुताबिक अपनी 'लगातार' खुफिया जानकारी और निगरानी प्रयासों के कारण, बल को 29 अगस्त 2003 को इस आतंकवादी के बारे में जानकारी मिल गई। इस पुस्तक को 2015 में बीएसएफ द्वारा अपनी 50वीं वर्षगांठ पर जारी किया गया था।

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस अवधि के दौरान यह अभियान चलाया गया, उस दौरान बीएसएफ कश्मीर घाटी में आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए तैनात थी और इसकी महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध 'जी शाखा' (खुफिया शाखा) को 'अद्भुत' परिणाम और 'उच्च श्रेणी' की जासूसी सूचनाएं देने के लिए जाना जाता था।

पुस्तक के बारे में 'पीटीआई-' को मिली सूचना के मुताबिक, इसमें इस बात का ब्योरा है कि कैसे एक सूत्र ने अधिकारी नरेन्द्र नाथ धर दुबे को बताया कि जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य कमांडर और सबसे खतरनाक आतंकवादी तथा संसद हमले का मास्टरमाइंड गाजी बाबा श्रीनगर के नूरबाग इलाके में एक घर में छिपा हुआ है।

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