देश की खबरें | यमुना के पुनरुद्धार की केंद्र की योजना के सामने भूमि अधिग्रहण का मुद्दा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली में वन्य क्षेत्र पर ध्यान देते हुए यमुना नदी के पुनरुद्धार की केंद्र की परियोजना में डूब क्षेत्रों में जमीन की अनुपलब्धता के कारण अड़चन आ रही है।

नयी दिल्ली, 23 अगस्त दिल्ली में वन्य क्षेत्र पर ध्यान देते हुए यमुना नदी के पुनरुद्धार की केंद्र की परियोजना में डूब क्षेत्रों में जमीन की अनुपलब्धता के कारण अड़चन आ रही है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने यमुना समेत 13 बड़ी नदियों के पुनरुद्धार के लिए भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) द्वारा तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मार्च में जारी की थीं।

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में रिवरफ्रंट और इको पार्क को विकसित करके उनके संरक्षण, वनीकरण, पारिस्थितिकी को बहाल करने, आर्द्रता संरक्षण, आजीविका सुधार, आय सृजन और पारिस्थितिकी पर्यटन पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

केंद्र सरकार के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में प्रस्तावित गतिविधियां हरित क्षेत्र को बढ़ाने में और मृदा क्षरण को कम करने आदि में मदद करेगी।

अधिकारियों के अनुसार, हालांकि, दिल्ली में वजीराबाद बैराज के पास यमुना के डूबक्षेत्र की अधिकतर जमीन निजी स्वामित्व वाली है। उन्होंने कहा कि केंद्र की परियोजना के लिए इस कृषि भूमि का अधिग्रहण आसान नहीं होगा।

इस जमीन पर दिल्ली सरकार मॉनसून में बाढ़ के पानी के संचय के लिए बड़े गड्ढे बनाने पर भी विचार कर रही है ताकि राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ती पेयजल की मांग को पूरा किया जा सके।

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