जम्मू, छह फरवरी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि कठुआ और बारामूला में हाल ही में हुई घटनाओं से स्थानीय लोगों में खुद के अलग-थलग महसूस किये जाने का खतरा है।
अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने ये मुद्दा केंद्र के समक्ष उठाया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों मामलों की समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से जांच की जानी चाहिए।
कठुआ जिले के बिलावर इलाके में आतंकवाद में संलिप्त होने के आरोपी 26 वर्षीय एक युवक ने पुलिस द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किये जाने के बाद बुधवार रात कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
युवक की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की अलग-अलग जांच का आदेश दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि बारामूला जिले में बुधवार को सेना की गोलीबारी में एक ट्रक चालक वसीम मजीद मीर की उस समय मौत हो गई, जब उसने बार-बार चेतावनी दिये जाने के बावजूद जांच चौकी पर वाहन नहीं रोका।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में आतंकवादियों की गतिविधि के बारे में सूचना मिलने के बाद संग्राम चौक पर जांच चौकी स्थापित की गयी थी।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस तरह की घटनाओं से उन लोगों के अलग-थलग पड़ने का खतरा है, जिन्हें हमें सामान्य स्थिति की राह में आगे बढ़ने के लिए अपने साथ लेकर चलने की जरूरत है।’’
अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने इन घटनाओं को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है।
उन्होंने कहा, “मैंने इन घटनाओं को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है और आग्रह किया है कि दोनों घटनाओं की समयबद्ध, पारदर्शी तरीके से जांच की जाए। जम्मू-कश्मीर सरकार भी अपनी जांच शुरू करेगी।”
अब्दुल्ला ने दोनों घटनाओं को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इस बात पर जोर दिया कि ये घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं।
उन्होंने कहा, “स्थानीय लोगों के सहयोग और भागीदारी के बिना जम्मू-कश्मीर में कभी भी पूर्ण शांति और आतंकवाद से मुक्ति नहीं मिल सकेगी।’’
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सेना की गोलीबारी में मारे गये ट्रक चालक की घटना को चौंकाने वाला बताया जबकि अपनी पार्टी के नेता अल्ताफ बुखारी ने बारामूला जिले में हुई घटना की जांच की मांग की।
मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह चौंकाने वाला है कि कठुआ में ‘ओजीडब्ल्यू’ के रूप में नामित एक नागरिक की हत्या के बाद सोपोर के एक अन्य नागरिक को सेना ने गोली मार दी। कितना अजीब है कि 23 किलोमीटर से अधिक दूरी तक ट्रक का पीछा करने के बाद उन्होंने (सेना के जवानों ने) टायरों पर गोली चलाने का दावा किया लेकिन गोली चालक को जा लगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या कश्मीरियों की जान इतनी सस्ती है? आप कब तक हर किसी पर शक की सुई घुमाकर इस बेलगाम कार्रवाई को उचित ठहराएंगे?’’
बुखारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस घटना की गहन जांच की आवश्यकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना किन परिस्थितियों में हुई। अल्लाह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने भी हत्या की निंदा करते हुए इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर चिंता का विषय’ बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं शांति पहल के लिए हानिकारक हैं, जिससे समाज में भय का माहौल पैदा होता है।
उन्होंने एक लिखित बयान में कहा, “निर्दोष व्यक्तियों की हत्या एक सभ्य समाज में बर्बर, अमानवीय और अस्वीकार्य है। सरकार को इस मामले को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी निर्दोष की जान न जाए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY