देश की खबरें | स्वास्थ्य क्षेत्र में खंडित प्रयासों का असर लोगों पर : मांडविया

नयी दिल्ली, 17 नवंबर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में खंडित और अपर्याप्त प्रयास से लोग अपनी सुरक्षा स्वयं करने के लिए बाध्य हो जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक बात है कि मौजूदा संकटों ने स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा तक असमान पहुंच को बढ़ा दिया है।

मांडविया ने भारत द्वारा आयोजित ‘‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’’ के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

उन्होंने कहा, ‘‘यह समझना जरूरी है कि वैश्विक स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली अधिकतर महामारियों - गंभीर श्वसन समस्या से लेकर कोविड​​-19 तक - की जड़ें जूनोटिक (पशुजन्य) हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों की समितियों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में खंडित और अपर्याप्त प्रयासों को रेखांकित किया है, जिससे लोगों को अपनी सुरक्षा खुद करने के लिये बाध्य होना पड़ा ।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ‘एक स्वास्थ्य’ संबंधी महत्वपूर्ण प्रयासों में सबसे आगे है और बुनियादी सिद्धांत के रूप में 'एक स्वास्थ्य' पर आधारित कार्यक्रमों को लागू कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज ‘एक स्वास्थ्य’ अवधारणा को कई विषयों से जुड़ी जटिल सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए प्रभावी दृष्टिकोण माना जाता है, जो मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य से करीब से जोड़ता है।"

मांडविया ने कहा, "भारत का ‘एक स्वास्थ्य’ कार्यक्रम उभरती संक्रामक बीमारियों, खासकर वन्यजीवों से पैदा होने वाली बीमारियों की निगरानी और जांच करता है, जिसमें बीमारी का जल्दी पता लगाने और प्रतिक्रिया के लिए विभिन्न समूहों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने पर जोर है।"

उन्होंने कहा कि डिजिटल मंचों, नेटवर्क और सेवाओं में स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों से निपटने और चिकित्सा संसाधनों तक समान पहुंच को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाने की क्षमता है।

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