जरुरी जानकारी | बहु प्रणाली माल परिवहन व्यवस्था अधिनियम की जगह राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कानून लाने का विचार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वाणिज्य मंत्रालय, माल अधिनियम के बहु-प्रणाली परिवहन कानून के स्थान पर एक पूर्ण विकसित राष्ट्रीय माल परिवहन (उपस्कर या लॉजिस्टिक्स) कानून लाने के बारे में विचार कर रहा है।
नयी दिल्ली, चार जुलाई वाणिज्य मंत्रालय, माल अधिनियम के बहु-प्रणाली परिवहन कानून के स्थान पर एक पूर्ण विकसित राष्ट्रीय माल परिवहन (उपस्कर या लॉजिस्टिक्स) कानून लाने के बारे में विचार कर रहा है।
इस पहल का मकसद माल परिवहन की सुविधा क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय के माल परिवहन सुविधा (लॉजिस्टिक्स) विभाग में विशेष सचिव, पवन अग्रवाल ने कहा कि एक राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स दक्षता और उन्नयन पूर्वानुमानयोग्य एवं सुरक्षा कानून (एनएलईएपीएस) विचाराधीन है। इस कानून का मकसद सामान परिवहन क्षेत्र के विभिन्न भागीदारों को परिभाषित करना और एक आसान नियामकीय पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।
उन्होंने उद्योग चैंबर पीएचडीसीसीआई द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा, ‘‘लॉजिस्टिक्स सेक्टर का क्या काम है, यह अभी हमारे लिए बहुत स्पष्ट नहीं है और उस दिशा में, हमें स्पष्ट रूप से परिभाषित करने की आवश्यकता है कि लॉजिस्टिक्स सेक्टर क्या है और इसमें कौन कौन से विभिन्न तत्व इसमें हैं। इस दिशा में, ऐसी सोच है कि मैं सिर्फ इस सोच को साझा कर रहा हूं कि पहले के कानून... बहुप्रणाली माल परिवहन अधिनियम ... को हम एक विस्तृत राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स कानून के साथ बदलने पर विचार कर रहे हैं।’’ एनएलईएपीएस पर विचार चल रहा है।’’ उन्होंने यह जानकारी उद्योग संगठन पीएचडीसीसीआई द्वारा आयोजित एक वेबिनार में दी।
मल्टीमॉडल परिवहन में माल की ‘एंड-टू-एंड डिलीवरी’ के लिए एक से अधिक तरीकों जैसे रेल, सड़क या समुद्र इत्यादि का संयोजन शामिल है।
विशेष सचिव ने नए कानून के बारे में उद्योग जगत के विचार मांगे हैं।
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