विदेश की खबरें | ओमान के संस्कृति और विज्ञान संस्थान के प्रमुख ने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मस्कट, एक मई ओमान के प्रमुख संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान के एक शीर्ष अधिकारी ने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि किसी भी सच्चे धर्म में हिंसा को उचित नहीं ठहराया गया है।

ओमान में ‘सुल्तान कबूस हायर सेंटर फॉर कल्चर एंड साइंस’ के महासचिव डॉ. हबीब बिन मोहम्मद अल-रियामी ने इस तरह की हिंसा की कड़ी निंदा की और विविध समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का आह्वान किया।

हबीब ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए साक्षात्कार के दौरान पहलगाम हमले के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘किसी भी सच्चे धर्म में दूसरों को मारने या मानवता या संस्कृतियों को नष्ट करने का आह्वान नहीं किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस्लाम या किसी अन्य धर्म के नाम पर दूसरों की हत्या करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह अनुचित है।’’

विविधता के प्रति ओमान की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को एक साथ रहना चाहिए, चाहे वे मुस्लिम हों या गैर-मुस्लिम। यहां ओमान में, हम विविधता और रहने के अलग-अलग तरीकों में दृढ़ता से विश्वास करते हैं।’’

हबीब ने वैश्विक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत समेत सभ्यताओं के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हर समुदाय की अपनी कठिनाइयां होती हैं, लेकिन हमें सकारात्मक पक्ष को देखना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जीवन जीने का मौलिक अधिकार और एकजुट होकर रहना सबसे ज्यादा मायने रखता है।’’

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटन स्थल पर 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी।

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