जयपुर, 20 जून राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को राज्य के भारी बारिश से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित लोगों से मिले।
उन्होंने कहा कि विपदा की इस घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी है और प्रभावितों को नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही गहलोत ने लोगों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने और त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वहीं मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मंगलवार दिन में सबसे अधिक चित्तौड़गढ़ में 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं धौलपुर जिले में मंगलवार तड़के हुई तेज बारिश में एक मकान ध्वस्त हो गया जिसकी चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गये।
मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन सुबह बाड़मेर जिले में बिपराजॉय चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने चौहटन, धनाऊ और आसपास के क्षेत्रों में सर्वेक्षण करने के बाद प्रभावितों से मुलाकात भी की।
गहलोत ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण कराकर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस सबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 हजार से अधिक लोगों को ‘बिपारजॉय’ आने से पूर्व ही स्थानांतरित किया गया था। साथ ही लगभग दो हजार लोगों को बचाव दलों द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में क्षतिग्रस्त हुए सड़क, बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मर व अन्य अवसंरचनाओं की शीघ्र मरम्मत करने को कहा गया है।
इसके बाद गहलोत ने सांचौर, सिरोही व जालौर जिले में ‘बिपारजॉय’ चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया व प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से मुलाकात की।
गहलोत ने कहा कि प्रारंभिक आकलन में 8700 कच्चे घर, 225 विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 35 हजार घरों को आंशिक क्षति हुई है। राज्य में करीब 8,500 बिजली के खंभे गिर गए हैं और 2000 ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि इस विपदा में राज्य सरकार आपके साथ है। सर्वेक्षण कराकर पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जालोर के आईपुरा, वेडिया तथा आस-पास के क्षेत्रों के बाढ़ प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। राज्य सरकार जलभराव की स्थिति को लेकर गंभीर है।
गहलोत बुधवार को पाली व जोधपुर जिले में रहेंगे और प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे साथ ही प्रभावित लोगों से मिलेंगे।
उल्लेखनीय है कि बिपारजॉय चक्रवात के कारण राज्य के कई जिलों के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। धौलपुर जिले के मनियां कस्बे में मंगलवार तड़के हुई तेज बारिश से एक मकान ढह गया जिसकी चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गये।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार दिन में राजधानी जयपुर सहित कई जगह बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश चित्तौड़गढ़ में 34 मिलीमीटर हुई। इसके अलावा जयपुर में 11.6 मिमी, धौलपुर में 6.5 मिमी., डूंगरपुर में चार व भीलवाड़ा में 3.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
विभाग के अनुसार 21 जून से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी होने की प्रबल संभावना है। केवल पूर्वी राजस्थान के छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।वहीं, 24-25 जून से पूर्वी राजस्थान में एक बार पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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