ताजा खबरें | रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने के लिये सरकार ने तैयार किया मास्टर प्लान
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने मंगलवार को बताया कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने के लिये हुए एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया गया है जिसमें नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जायेगा ।
नयी दिल्ली, 23 मार्च सरकार ने मंगलवार को बताया कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने के लिये हुए एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया गया है जिसमें नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जायेगा ।
लोकसभा में उदय प्रताप सिंह के पूरक प्रश्न के उत्तर में रसायन एवं उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार आने के बाद इस स्थिति पर हमने काफी ध्यान दिया है । हमने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने के लिये कदम उठाये हैं ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस दिशा में कृषि मंत्रालय के समन्वय के साथ मास्टर प्लान तैयार किया है ।’’
गौड़ा ने कहा कि सरकार नैनो उर्वरकों के उपयोग की दिशा में काम कर रहे हैं ।
गौरतलब है कि नैनो उर्वरक से कम लागत में कृषि भूमि में जरूरी सूक्ष्म तत्वों की कमी पूरी की जा सकेगी ।
एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सदानंद गौड़ा ने कहा कि सरकार ने उर्वरक राजसहायता संबंधी पिछले बकाये के भुगतान करने के लिये वर्ष 2020-21 के लिये बजट की राशि से अधिक 64,598 करोड़ रूपये की निधि जारी की है ।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी फास्फेट एवं पोटास, स्वदेशी यूरिया एवं शहरी कम्पोस्ट के संबंध में एक अप्रैल 2020 तक सभी अग्रनीत (कैरी ओवर) देयताओं का भुगतान कर दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि आयातित फास्फेट एवं पोटास की 106.19 करोड़ रूपये तथा आयातित यूरिया की 84.71 करोड़ रूपये की अग्रनीत देयताओं की नीतिगत प्रक्रिया का पालन करते हुए मार्च 2021 के अंत तक भुगतान किये जाने की संभावना है ।
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