विदेश की खबरें | जर्मन खुफिया एजेंसी ने ‘अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी’ पार्टी को ‘दक्षिणपंथी चरमपंथी’ करार दिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह पार्टी फरवरी में हुए आम चुनाव में दूसरे स्थान पर रही थी।

संविधान संरक्षण संघीय कार्यालय ने पाया कि ‘अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी’ पार्टी जातीयता के आधार पर ‘‘मुख्यतः मुस्लिम देशों से प्रवास करने वाले लोगों को जर्मन लोगों के समान नागरिक नहीं मानती है।’’

जर्मनी में बढ़ते चरमपंथ के प्रति चेतावनी देने वाले कार्यालय ने हाल के वर्षों में दो जर्मन क्षेत्रों के न्यायालय के निर्णयों का हवाला दिया, जिनमें स्वतंत्र और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए पार्टी के प्रयासों का विवरण दिया गया है।

कार्यालय के मुताबिक, इस पार्टी का उद्देश्य कुछ समूहों को समाज में समान भागीदारी से वंचित करना है।

‘अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी’ की नेता एलिस वीडेल और टिनो क्रुपप्ला ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे ‘‘जर्मन लोकतंत्र के लिए एक गंभीर झटका’’ बताया।

उन्होंने कहा कि पार्टी देश की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक ताकतों में से एक बन गई है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि यह राजनीति से प्रेरित कदम है। हालांकि, सरकार ने उनके इस दावे का खंडन किया है।

आंतरिक मंत्री नैंसी फेसर ने एक बयान में कहा कि यह कदम 1,100 पृष्ठों के ‘‘व्यापक और तटस्थ पड़ताल’’ का परिणाम है, जो किसी भी तरह के राजनीतिक प्रभाव से मुक्त है।

इस पार्टी का गठन 2013 में हुआ था।

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)