पेशावर, 17 फरवरी पाकिस्तान की संघीय सरकार ने सोमवार को कहा कि वह उग्रवाद प्रभावित खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के प्रशासन और तालिबान के नेतृत्व वाली अफगानिस्तान सरकार के बीच सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर आगामी वार्ता की रूपरेखा निर्धारित करेगी।
यह टिप्पणी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने की है। इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के नेतृत्व वाली खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांतीय सरकार ने रविवार को पुष्टि की कि वह सीमा पार आतंकवाद और क्षेत्रीय व्यापार गतिशीलता पर बढ़ती चिंताओं के बीच काबुल में दो प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता खान ने कहा कि विदेशी मामले संघीय सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और यह खैबर पख्तूनख्वा प्रशासन और अफगान सरकार के बीच आगामी वार्ता की रूपरेखा निर्धारित करेगा।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के सलाहकार मोहम्मद अली सैफ ने रविवार को कहा कि कि प्रांतीय सरकार सुरक्षा चिंताओं और आर्थिक सहयोग पर काबुल के साथ बातचीत के लिए दो प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान भेजेगी। इस सूबे में, जेल में बंद इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार है।
संघीय सरकार के सूत्रों ने कहा कि केपी सरकार काबुल के साथ बातचीत शुरू करने की इच्छुक है, लेकिन प्रतिनिधिमंडल संघीय मंजूरी के बाद ही जा पाएगा।
काबुल में प्रतिनिधिमंडल भेजने का निर्णय पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में वृद्धि की पृष्ठभूमि में लिया गया है। इस्लामाबाद ने बार-बार अफगानिस्तान से संचालित गैरकानूनी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।
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