चंडीगढ़, 17 जून लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ झड़प के दौरान शहीद हो गये सिपाही गुरबिंदर सिंह (22) के परिवार ने इस साल के आखिर में उनकी शादी की योजना बनायी थी।
पिछले साल उनकी सगाई हुई थी और उनका परिवार उनके छुट्टी पर घर आने का इंतजार कर रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अधिकारियों के अनुसार, गुरबिंदर सिंह पंजाब के उन चार सैनिकों में शामिल थे जो सोमवार रात को चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए थे।
नायब सूबेदार सतनाम सिंह (42) भी पंजाब के चार शहीद सैनिकों में एक थे और वह पंजाब के गुरदासपुर के निवासी थे। उनके रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें उनके बलिदान पर गर्व है।
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अन्य दो शहीद नायब सूबेदार मनदीप सिंह (पटियाला) और सिपाही गुरतेज सिंह (मनसा) के थे।
मनदीप सिंह पटियाला के राजपुरा तहसील के सील गांव के निवासी थे जबकि गुरतेज सिंह मनसा जिले के बुधलाधा तहसील के डोगरा गांव के रहने वाले थे।
गुरबिंदर संगरूर के सुनाम उपखंड के तोलावल गांव के निवासी थे। बुधवार सुबह उनके परिवार को उनके शहीद हो जाने की खबर मिली।
गुरबिंदर के बड़े भाई गुरप्रीत सिंह ने कहा, ‘‘ हमें आज सुबह साढ़े छह बजे फोन आया कि गुरबिंदर शहीद हो गये।’’
बृहस्पतिवार तक उनका पार्थिव शरीर तोलावल गांव लाए जाने की संभावना है। वह मार्च, 2018 में सेना में शामिल हुए थे। उनके परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन है। वह सबसे छोटे बेटे थे।
उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि आखिरी बार गुरबिंदर ने करीब 15 दिन पहले उनसे बातचीत की थी।
गुरबिंदर के मामा जगसीर ने बताया कि तीन पंजाब रेंजीमेंट के जवान गुरबिंदर की पिछले साल सगाई हुई थी, जब वह कुछ दिनों की छुट्टी पर घर आये थे।
जगसीर ने पीटीआई- से कहा, ‘‘ हमारी इस साल उनकी शादी की योजना थी जब वह छुट्टी पर घर आते।’’
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