देश की खबरें | कर्नाटक के ठेकेदार के परिवार वालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के उडुपी स्थित एक लॉज में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले निकाय ठेकेदार संतोष के. पाटिल के परिवार वालों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है जब तक कि इस मामले में आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते।
मंगलुरु, 13 अप्रैल कर्नाटक के उडुपी स्थित एक लॉज में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले निकाय ठेकेदार संतोष के. पाटिल के परिवार वालों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है जब तक कि इस मामले में आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते।
उडुपी पुलिस ने संतोष के. पाटिल की मौत के मामले में आवश्यक कार्रवाई बुधवार को पूरी कर ली। हालांकि, पाटिल के भाई प्रशांत समेत उसके परिवार ने कहा है कि जब तक प्राथमिकी में नामजद तीन आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते तब तक वे पाटिल का शव नहीं लेंगे।
इस मामले में प्रशांत की शिकायत के आधार पर राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। उडुपी पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए ईश्वरप्पा को प्रथम आरोपी बनाया गया है।
लॉज का दौरा करने के बाद प्रशांत ने मंगलवार रात को एक शिकायत दर्ज कराई थी तथा ईश्वरप्पा और उनके स्टाफ के कर्मचारियों रमेश तथा बसवराज को आरोपी बनाया था।
प्रशांत ने कहा कि शव का पोस्ट मॉर्टम होने से पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने उडुपी में कहा, “हम शव को मनिपाल स्थानांतरित नहीं होने देंगे। हमने पहले ही मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को अपने रुख से अवगत करा दिया है। हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं और संतोष की आत्मा की शांति के लिए यह फैसला लिया है।”
गौरतलब है कि कर्नाटक के बेलगावी जिले के एक ठेकेदार तथा भाजपा कार्यकर्ता संतोष पाटिल ने आरोप लगाया था कि मंत्री ईश्वरप्पा ने एक काम के लिए अपने सहायकों के मार्फत उससे 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।
मंगलवार को उडुपी स्थित एक लॉज में पाटिल ने कथित तौर पर जहर का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी।
उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय पंचायत राज मंत्री गिरिराज सिंह को पत्र लिख कर ईश्वरप्पा पर अपने द्वारा किए गए काम के लिए 40 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया था।
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