देश की खबरें | प्रधानमंत्री के ‘ज्ञान’ का सार यह था कि लोग अपनी जान की रक्षा स्वयं करें: कांग्रेस
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नयी दिल्ली, 20 अप्रैल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी के ‘ज्ञान’ का सार यह था कि उनके बस का कुछ नहीं है और लोग अपनी जान की रक्षा खुद करें।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘आज रात 8.45 बजे के ज्ञान का सार -:मेरे बस का कुछ नही,यात्री अपने सामान यानी जान की रक्षा स्वयं करें।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के भाषण का सार यह है: लोगों की अपनी जिम्मेदारी खुद की है। अगर आप इससे पार पा लेते हैं कि तो किसी उत्सव और महोत्सव में जरूर मिलेंगे। तब तक के लिए शुभकमानाएं। ईश्वर आपकी रक्षा करे।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ‘‘तूफान’’ बनकर आई है। हालांकि उन्होंने राज्यों को यह भी सलाह दी कि कोरोना से मुकाबले के लिए लॉकडाउन का इस्तेमाल ‘‘अंतिम विकल्प’’ के रूप में किया जाए।
राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की संभावना को खारिज किया और राज्यों को भी इससे बचने की सलाह दी।
कोरोना से लड़ते-लड़ते अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना के खिलाफ देश आज एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। कुछ सप्ताह पहले तक स्थितियां संभली हुई थी और फिर यह कोरोना की दूसरी लहर तूफान बन कर आ गई है। जो पीड़ा आपने सही है या जो पीड़ा आप सह रहे हैं उसका मुझे पूरा अहसास है।’’
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