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निर्वाचन आयोग 'चुनावी सत्यनिष्ठा पर लोकतंत्र समूह' का नेतृत्व करेगा

निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कहा कि वह 100 लोकतांत्रिक देशों की साझेदारी से ‘चुनावी सत्यनिष्ठा पर लोकतंत्र समूह’ का नेतृत्व करेगा तथा विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करेगा.

निर्वाचन आयोग 'चुनावी सत्यनिष्ठा पर लोकतंत्र समूह' का नेतृत्व करेगा
निर्वाचन आयोग (Photo Credits: PTI)

नयी दिल्ली, 18 मई : निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मंगलवार को कहा कि वह 100 लोकतांत्रिक देशों की साझेदारी से ‘चुनावी सत्यनिष्ठा पर लोकतंत्र समूह’ का नेतृत्व करेगा तथा विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करेगा. इस बीच, एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडे से मुलाकात की. नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार मामलों की अवर सचिव अजरा जिया के नेतृत्व में चार सदस्यीय एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कुमार और पांडे से मुलाकात की. निर्वाचन आयोग ने एक बयान में बताया कि ‘लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन’ के तहत भारत से ‘चुनावी सत्यनिष्ठा पर लोकतंत्र समूह’ का नेतृत्व करने का अनुरोध किया गया.

इसके साथ ही दुनिया के अन्य लोकतंत्रों के साथ अपने ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभवों को साझा करने का आह्वान किया गया. निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया गया कि वह दुनियाभर में चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) को प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम और ऐसे अन्य निकायों की जरूरतों के अनुसार तकनीकी परामर्श प्रदान करे. बैठक के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार और निर्वाचन आयुक्त पांडे ने निर्वाचन आयोग के अनुभवों को साझा किया और बताया कि कैसे वह स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और विश्वसनीय चुनाव करा रहा है. यह भी पढ़ें : दिल्ली में हादसे में 13 साल के बच्चे की मौत, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया

कुमार ने हाल में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए डाक मतपत्र जैसी सुविधा के बारे में भी बताया. अजरा जिया ने चुनाव सेवाओं के आधुनिकीकरण और चुनावों को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने में निर्वाचन आयोग की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत चुनाव प्रणाली को मजबूत करने के लिए अपने अनुभवों और विशेषज्ञता को साझा करने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है. भारत के नेतृत्व वाले समूह में साझेदार बनने के लिए न्यूजीलैंड, फिनलैंड और यूरोपीय संघ ने रुचि व्यक्त की है और अन्य इच्छुक लोकतांत्रिक देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2022 01:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).