विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वी नगालैंड को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग तेज हुई
नगालैंड में अगले साल के शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के पूर्वी हिस्से को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग तेज गई है। इसी कड़ी में क्षेत्र के 20 विधायकों ने भी मांग पूरी नहीं होने तक किसी चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के आह्वान का समर्थन कर दिया है।
कोहिमा, 4 सितंबर : नगालैंड में अगले साल के शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के पूर्वी हिस्से को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग तेज गई है. इसी कड़ी में क्षेत्र के 20 विधायकों ने भी मांग पूरी नहीं होने तक किसी चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के आह्वान का समर्थन कर दिया है. उल्लेखनीय है कि पूर्वी नगालैंड के अंतर्गत छह जिले-मोन, तुएनसांग, किफिरे, लोंगलेंग, नोकलाक और शामाटर आते हैं. इन जिलों में सात जनजातियों-चांग, खियामनिंगन, कोन्याक, फोम, संगतम, तिखिर और यिमखिउंग के लोग रहते हैं.
क्षेत्र के प्रभावी संगठन ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ईएनपीओ) ने नेताओं, सातों जनजातियों के निकायों और क्षेत्र के अन्य संगठनों के साथ 26 अगस्त को दिमापुर में बैठक की थी, जिसमें संकल्प लिया गया कि वे किसी भी चुनाव में तब तक शामिल नहीं होंगे, जब तक कि उनकी अलग ‘फ्रंटियर नगालैंड’ राज्य बनाने की मांग को स्वीकार नहीं कर लिया जाता. यह भी पढ़ें : Congress Rally: अजय माकन कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पहुंचे
ईस्टर्न नगालैंड लेजिस्टेटर्स यूनियन में भू संसाधन के सचिव और सलाहकार सी एल जॉन ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘क्षेत्र के 20 विधायक लोगों की इच्छा के विपरीत नहीं जा सकते. अलग राज्य के गठन की मांग जन आंदोलन है और हम लोगों के साथ हैं.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2022 10:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

