देश की खबरें | मामले दाखिल करने के लिए सीमा अवधि में राहत बहाल करने की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

नयी दिल्ली, सात जनवरी उच्चतम न्यायालय ने देशभर में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि के मद्देनजर अदालतों में मामले दायर करने की सीमा अवधि की राहत को बहाल करने की वकीलों के एक संघ की याचिका पर 10 जनवरी को सुनवाई के लिए शुक्रवार को सहमति जताई।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवाजी जाधव की दलीलों पर संज्ञान लिया कि महामारी के बिगड़ते हालात के कारण सीमा अवधि में राहत फिर से जरूरी है।

यहां शीर्ष अदालत परिसर में अदालत कक्ष के बजाय प्रधान न्यायाधीश के आधिकारिक आवास पर बैठी पीठ ने कहा, ‘‘हम इसे सोमवार (10 जनवरी) को विचार-विमर्श के लिए सूचीबद्ध करेंगे।’’

शीर्ष अदालत ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 के मामलों की संख्या में अचानक वृद्धि का संज्ञान लिया और शुक्रवार से सभी मामलों में सुनवाई डिजिटल तरीके से करने का फैसला किया जहां सभी पीठें न्यायालय परिसर में अदालत कक्षों के बजाय आवासीय दफ्तरों में बैठेंगी।

एसोसिएशन ने अपनी याचिका में अनुरोध किया था कि 23 मार्च, 2020 और 27 अप्रैल, 2021 की व्यवस्थाओं को बहाल किया जाए जिनके द्वारा वैधानिक सीमाएं बढ़ाने के आदेश पर रोक लगा दी गयी थी।

शीर्ष अदालत ने सितंबर में कहा था कि महामारी के मद्देनजर अदालतों में मामले दाखिल करने के लिए सीमा अवधि पर दी गयी राहत दो अक्टूबर, 2021 को समाप्त होगी।

उसने आदेश दिया था कि पिछले साल 15 मार्च से दो अक्टूबर की अवधि को सीमा अवधि को जोड़ने में शामिल नहीं किया जाएगा।

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