देश की खबरें | गोपालगंज जहरीली शराब त्रासदी मामले में बिहार सरकार की याचिका पर न्यायालय करेगा विचार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत के मामले में 13 आरोपियों को बरी किये जाने के पटना उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील की त्वरित सुनवाई पर मंगलवार को सहमति जता दी।
नयी दिल्ली, 19 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत के मामले में 13 आरोपियों को बरी किये जाने के पटना उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील की त्वरित सुनवाई पर मंगलवार को सहमति जता दी।
गोपालगंज की एक निचली अदालत ने गत वर्ष मार्च में नौ पुरुषों को फांसी की सजा, जबकि चार महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बिहार मद्य निषेध एवं आबकारी अधिनियम, 2016 के तहत यह पहला मृत्युदंड था।
हालांकि, उच्च न्यायालय ने मामले के सभी 13 दोषियों को बरी कर दिया था, जिसके कारण राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
बिहार सरकार की ओर से पेश वकील ने प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण, न्यायमूर्ति कृष्णमुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ के समक्ष दलील दी कि इस मामले की त्वरित सुनवाई की आवश्यकता है, क्योंकि जेल से आरोपियों की रिहाई से इलाके में ‘अशांति’ पैदा हो सकती है।
राज्य सरकार के वकील ने कहा, ‘‘बिहार में (पटना) उच्च न्यायालय ने 13 जुलाई को जहरीली शराब त्रासदी से संबंधित फैसले को पलट दिया है। इस त्रासदी में 19 लोगों की मौत हो गयी थी। हमने 17 जुलाई को विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है।’’
इस पर प्रधान न्यायाधीश ने पूछा, ‘‘आखिर इतनी जल्दबाजी क्या है?’’ वकील ने कहा, ‘‘एक बार जब आरोपी जेल से रिहा हो जाएंगे, तो बड़ी समस्या पैदा होगी। (इलाके में) अशांति की स्थिति होगी।’’ वकील ने अपील को सोमवार को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।
पीठ ने कहा कि वह दस्तावेजों के अवलोकन के बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर विचार करेगी।
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