देश की खबरें | अदालत ने सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सामूहिक बलात्कार के एक मामले में एक आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि न्यायिक जांच शिनाख्त परेड (टीआईपी) के दौरान पीड़िता ने उसकी पहचान की थी। घटना में बलात्कार पीड़िता की मौत हो चुकी है।

नयी दिल्ली, 27 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने सामूहिक बलात्कार के एक मामले में एक आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि न्यायिक जांच शिनाख्त परेड (टीआईपी) के दौरान पीड़िता ने उसकी पहचान की थी। घटना में बलात्कार पीड़िता की मौत हो चुकी है।

अदालत ने रेखांकित किया कि महिला ने प्राथमिकी में भी आरोपी को नामजद कराया था।

न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने कहा, ‘‘मौजूदा आवेदक के खिलाफ लगे आरोपों जैसे... सामूहिक बलात्कार, प्राथमिकी, एमएलसी में आवेदक का नामजद होना और न्यायिक टीआईपी के दौरान उसकी पहचान किया जाना आदि... के मद्देनजर मैं आवेदक को अग्रिम जमानत देने के पक्ष में नहीं हूं। जमानत याचिका खारिज की जाती है।’’

इससे पहले आरोपी राकेश द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को सुनवाई अदालत ने खारिज कर दिया था और तिहाड़ जेल में पहचान परेड करायी गयी थी जिसमें पीड़ित महिला ने आवेदक की पहचान आरोपियों में से एक के रूप में की थी।

अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए अवर लोक अभियोजक अमित साहनी ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पीड़िता की मौत हो जाने से आरोपी अपने अपराध से बरी नहीं हो जाता।

उन्होंने कहा कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर सामूहिक बलात्कार जैसा जधन्य अपराध किया है और ऐसे में उसे अग्रिम जमानत जैसी राहत नहीं दी जा सकती।

अभियोजक ने कहा कि पीड़िता ने प्राथमिकी में आरोपी को नामजद किया है।

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