देश की खबरें | अदालत ने नरबलि मामले के आरोपियों की पुलिस हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल उच्च न्यायालय ने सनसनीखेज मानव बलि मामले में तीन आरोपियों की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें 12 दिनों के लिए पुलिस को उनकी हिरासत देने के निचली अदालत के फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

कोच्चि, 21 अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने सनसनीखेज मानव बलि मामले में तीन आरोपियों की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें 12 दिनों के लिए पुलिस को उनकी हिरासत देने के निचली अदालत के फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

इस नरबलि मामले में दो महिलाओं की कथित तौर पर बर्बरता से हत्या कर दी गई थी।

उच्च न्यायालय ने कहा कि इस आदेश में कुछ भी गलत नहीं है। हालांकि, अदालत ने प्रत्येक आरोपी को शुक्रवार और रविवार को 15 मिनट के लिए अपने वकील से मिलने की अनुमति दी।

आरोपी ने वकील बी.ए. अलूर के माध्यम से दायर याचिका में पुलिस हिरासत अवधि या जांच के दौरान वकीलों से मिलने की अनुमति मांगी थी। उच्च न्यायालय ने आरोपी के वकील द्वारा पेश अन्य दलीलों को खारिज कर दिया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन महानिदेशक ने कहा कि जांच विभिन्न स्तरों पर की जानी है और आरोपियों को मामले पर किसी भी तरह का निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं है।

अपनी याचिका में आरोपी मोहम्मद शफी (52), मसाज थेरेपिस्ट भागवल सिंह (68) और उनकी पत्नी लैला (59) ने राज्य के पुलिस प्रमुख को निर्देश देने का अनुरोध किया था कि वे उनकी पहचान परेड नहीं कराएं और आरोपपत्र दाखिल होने तक मीडिया और जनता के सामने उनके इकबालिया बयानों का खुलासा नहीं किया जाए।

गौरतलब है कि केरल में हाल ही में कथित तौर पर आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि प्राप्त करने के लिए दो महिलाओं की बलि दे दी गई थी। महिला आर. पदम्म (42) की हत्या सितंबर के आखिरी सप्ताह में और रोजलिन (49) की हत्या जून में की गई थी।

पुलिस के अनुसार, पथनमथिट्टा के एलानथूर में दंपति के घर में खुदाई करने पर इन महिलाओं के शव के टुकड़े मिले थे।

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