देश की खबरें | अदालत ने निजामुद्दीन मरकज के रिहायशी हिस्से की चाबी साद के परिवार को देने का निर्देश दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. शहर की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस को निजामुद्दीन मरकज के रिहायशी हिस्से की चाबी तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के परिवार को सौंपने का निर्देश दिया है ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 12 सितंबर शहर की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस को निजामुद्दीन मरकज के रिहायशी हिस्से की चाबी तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के परिवार को सौंपने का निर्देश दिया है ।

कोविड-19 दिशा-निर्देश का उल्लंघन कर धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद इस परिसर को बंद कर दिया गया था।

यह भी पढ़े | Congress Attacks On Modi Govt: कांग्रेस का बड़ा हमला, कहा- मोदी सरकार किसानों के साथ ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ की तरह व्यवहार कर रही है.

निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में विदेशी नागरिकों समेत हजारों लोगों के हिस्सा लेने के बाद साद और छह अन्य के खिलाफ 31 मार्च को एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कई लोग बाद में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने जांच एजेंसियों को परिसर का निरीक्षण कर इसे साद के परिवार को सौंपने के लिए पांच दिन का समय दिया।

यह भी पढ़े | NEET Exams 2020: कल होने वाली नीट परीक्षा के लिए लखनऊ के सेंटर पर किये गए ऐहतेयाती उपाय: 12 सितंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

अदालत साद की माता खालिदा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिन्होंने उस परिसर को खोलने का अनुरोध किया, जहां वह रहती थीं।

अदालत ने खालिदा और उनके परिवार के सदस्यों को एक हलफनामा भी देने को कहा है कि वे किसी भी तरह से मामले की जांच में बाधा नहीं पहुंचाएंगे और परिसर के रिहायशी हिस्से का इस्तेमाल केवल रहने के लिए किया जाएगा। मरकज के किसी अन्य हिस्से में वे नहीं जाएंगे।

अदालत ने 11 सितंबर को सुनाए गए आदेश में कहा कि देश के हर नागरिक को संविधान के तहत जीवन और आजादी का अधिकार हासिल है और रिहायशी परिसर तक पहुंच का अधिकार भी इन्हीं अधिकारों में समाहित है ।

निजामुद्दीन के थाना प्रभारी की शिकायत पर तबलीगी जमात के नेता मौलाना साद कंधालवी और छह अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी । महामारी कानून, आपदा प्रबंधन कानून (2005), विदेशी कानून और भारतीय दंड संहिता की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\