अदालत ने केंद्र से पूछा: क्या वह पीएमसी बैंक की मदद के लिए पैसा लगाना चाहता है
वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने बैंक प्रशासक से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा जो बताएगी कि एचडीआईएल के प्रमोटर-निदेशकों की संपत्तियों की बिक्री हुई है या नहीं।
नयी दिल्ली, 19 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र और वित्त मंत्रालय को निर्देश दिया है कि अगर वे घोटाले से प्रभावित पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक की मदद के लिए उसमें धन डालना चाहते हैं तो बताएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने बैंक प्रशासक से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा जो बताएगी कि एचडीआईएल के प्रमोटर-निदेशकों की संपत्तियों की बिक्री हुई है या नहीं।
उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर संपत्तियों की बिक्री हो गयी है तो स्थिति रिपोर्ट में इससे अर्जित राशि का भी जिक्र किया जाए।
हाउसिंग डवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के निदेशकों राकेश वधवान और उनके बेटे सारंग वधावन को पीएमसी बैंक घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
रिजर्व बैंक ने पिछले साल सितंबर में पीएमसी बैंक पर पाबंदियां लगाई थीं और बैंक के बोर्ड तथा प्रबंधन के अधिकार लेकर आरबीआई के एक पूर्व अधिकारी को प्रशासक बना दिया गया।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि हाल ही में केंद्र ने संकटग्रस्त निजी बैंक यस बैंक में पैसा लगाया है।
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