देश की खबरें | स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने के लिये पीजी छात्रों की सेवा लेने का समिति का सुझाव

नयी दिल्ली, एक जुलाई दिल्ली सरकार की एक समिति ने कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ने के चलते अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी पड़ जाने की समस्या का हल करने के लिये मेडिकल के स्नातकोत्तर छात्रों की सेवा लेने, अस्पतालों के संसाधनों को साझा करने और नकद प्रोत्साहन राशि देने का सुझाव दिया है।

गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ महेश वर्मा और राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ बी एल शेरवाल की सदस्यता वाली दो सदस्यीय समिति का गठन पिछले हफ्ते किया गया था।

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सूत्रों ने बताया कि समिति ने अपने सुझाव सरकार को सौंप दिये हैं और उसे मंत्रिमंडल के पास भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि समिति ने वरिष्ठ चिकित्सकों के पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रसित रहे हो सकने के कारण युवाओं की सेवा लेने का सुझाव दिया है। इसमें सुझाव दिया है कि स्नातकोत्तर (पीजी) के द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष के छात्रों,इंटर्न, डेंटल सर्जन और आयुष अधिकारियों को शामिल किया जाए।

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सूत्रों ने बताया कि इसमें यह भी कहा गया है कि डेंटल सर्जन और आयुष अधिकारियों के लिये एक पाठ्यक्रम तय किया जा सकता है, ताकि वे उन मरीजों की देखभाल कर सकें जिनकी हालत नाजुक नहीं है या जिन्हें कोविड-19 के हल्के लक्षणों के साथ पृथक केंद्रों में भर्ती किया गया है।

इसके अलावा समिति ने अस्पतालों के संसाधनों को साझा करने का भी सुझाव दिया है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सरकारी अस्पताल में ज्यादा संख्या में स्वास्थ्य कर्मी या विशेषज्ञ हैं तो उन्हें अन्य सरकारी अस्पतालों में भेजा जा सकता है, जिससे वहां स्वास्थ्य कर्मियों की कमी की समस्या दूर हो सकती है।

दिल्ली में कोरोना वायरस से करीब 2,000 स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हुए हैं और उनकी कमी पड़ने का यह भी एक कारण है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है, ऐसे में उनकी देखभाल के लिये स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भी जरूरत पड़ेगी।

समिति ने स्वास्थ्य कर्मियों को बीमा, पृथक रहने जैसी पहले से मिल रही सुविधाओं के अलावा नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देने की भी सिफारिश की है ।

वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने सुझाव सरकार को सौंप दिये हैं।

उनहोंने कहा, ‘‘हमने सरकार को स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को दी जा सकने वाले सभी वित्तीय पैकेज के बारे में सलाह दी है। ’’

सूत्रों ने बताया कि समिति ने विशेषज्ञों, मेडिकल अधिकारियों, डेंटल अधिकारियों, आयुष अधिकारियों, सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, पारामेडिकल कर्मियों, नर्सिंग जैसे बहुद्देश्यीय कर्मियों को नियुक्त करने के संदर्भ में ये सुझाव दिये हैं।

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