देश की खबरें | आयोग के पास जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम तय करने का विशेष अधिकार है: सिन्हा

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जम्मू, 11 अगस्त जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि निर्वाचन आयोग के पास केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम तय करने का विशेष अधिकार है।

सिन्हा ने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर में जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। केंद्र शासित प्रदेश में वर्ष 2018 में पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गिरने के बाद छह साल से अधिक समय से केंद्र का शासन है।

जम्मू विश्वविद्यालय में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने जून में श्रीनगर की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि विधानसभा चुनाव जल्द होंगे।

इसके अलावा, सिन्हा ने पांच अगस्त 2019 को संसद में गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव होंगे और फिर सही समय पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा।

सिन्हा ने कहा, ‘‘यह उसी कड़ी में हो रहा है... मुझे उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव जल्द ही होंगे।’’

उन्होंने निर्वाचन आयोग की पूरी टीम के हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे और दिल्ली लौटने से पहले राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ हुई बैठकों का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव (विधानसभा) की तारीख तय करना, भारत निर्वाचन आयोग का विशेष अधिकार है।’’

शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे के अंत में जम्मू में मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने संवाददाताओं से कहा था कि निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में पहले ही सभी चीजों की समीक्षा कर ली है और 19 अगस्त को अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के साथ, चुनाव की तारीखों की घोषणा करने से पहले दिल्ली में सुरक्षा जरूरतों का आकलन किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग का यह दौरा 5 अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहला विधानसभा चुनाव कराने के लिए जमीन तैयार करने की पहली बड़ी कवायद है।

कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग की टीम का यह दौरा जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव पूरा करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई 30 सितंबर की समय सीमा से पहले हुआ है।

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