कोहिमा, 12 सितंबर नगा शांति समझौते के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार आर एन रवि और नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों (एनएनपीजी) की बंद कमरे में एक बैठक हुई जिसमें सभी हितधारक इस पर सहमत हुए कि मुद्दे के सम्मानजनक समाधान की घोषणा करने का समय नजदीक है।
यहां जारी एक वक्तव्य में यह जानकारी दी गई।
दीमापुर में शुक्रवार को हुई बैठक के बाद एनएनपीजी के मीडिया प्रकोष्ठ की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि “इंतजार की घड़ियां समाप्त हुईं” और केंद्र ऐसा समाधान निकालने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है जो सभी को स्वीकार्य हो।
नगालैंड के राज्यपाल रवि टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे लेकिन वक्तव्य में कहा गया कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि केंद्र सरकार “31 अक्टूबर 2019 को नगा समूहों द्वारा लिए गए निर्णय पर आगे बढ़ रही है।”
वक्तव्य में कहा गया कि केंद्र सरकार ने “इस तथ्य का संज्ञान लिया है कि नगा जनजाति और नागरिक समाज संगठनों ने राजनीतिक मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया था।”
पिछले साल अक्टूबर में नगा समूहों और रवि के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी जिसके बाद दोनों पक्षों ने कहा था कि बातचीत समाप्त हो गई है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “नगा मुद्दे का समाधान होना ही चाहिए और इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई हैं। सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।”
वक्तव्य में कहा गया कि केंद्र और नगा लोग एक समाधान चाहते हैं और “सरकार अब किसी और के लिए नहीं रुकेगी।”
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