विदेश की खबरें | चीनी सेना ने चीन निर्मित हथियारों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. चीनी सेना ने भारत के साथ हाल में हुए संघर्ष में पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किये गए चीन निर्मित हथियारों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

बीजिंग, 29 मई चीनी सेना ने भारत के साथ हाल में हुए संघर्ष में पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किये गए चीन निर्मित हथियारों के प्रदर्शन पर टिप्पणी करने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।

चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग शियाओगांग ने भारत द्वारा पीएल-15ई मिसाइल को बरामद करने की खबरों को भी महत्व नहीं देते हुए कहा कि यह रडार निर्देशित मिसाइल है और इसे चीन द्वारा निर्मित अपनी तरह का सबसे उन्नत रॉकेट बताया गया है।

झांग ने यहां मीडिया से कहा, ‘‘आपने जिस मिसाइल का उल्लेख किया है, वह एक निर्यात उपकरण है और इसे कई बार देश-विदेश में रक्षा प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जा चुका है।’’

झांग ने कहा कि भारत और पाकिस्तान ऐसे पड़ोसी हैं जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारतीय अधिकारियों के इस दावे से जुड़े सवालों को टाल दिया कि चीन ने सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान को हवाई रक्षा और उपग्रह सहायता प्रदान की तथा चीनी हथियार प्रणालियों ने औसत से कम प्रदर्शन किया।

झांग ने चीनी विदेश मंत्रालय के पूर्व के बयानों को दोहराते हुए कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष शांत और संयमित बने रहेंगे तथा स्थिति को और अधिक जटिल बनाने वाली कार्रवाई से बचेंगे।’’

भारत और पाकिस्तान के बीच 7-10 मई के सैन्य संघर्ष के बाद चीनी रक्षा मंत्रालय की पहली प्रेस वार्ता में झांग ने कहा कि चीनी पक्ष एक व्यापक और स्थायी संघर्षविराम हासिल करने और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका जारी रखने के लिए तैयार है।

चीनी रक्षा मंत्रालय महीने में एक बार प्रेस वार्ता आयोजित करता है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने छह-सात मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।

भारतीय पक्ष ने पाकिस्तानी कार्रवाइयों का कड़ा जवाब दिया। दोनों पक्षों के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच 10 मई को बातचीत के बाद सैन्य संघर्ष को रोकने पर सहमति बनी थी।

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