देश की खबरें | कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कार्यरत अदालतों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 26 सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कोविड कमेटी की सिफारिशों के आधार पर उच्च न्यायालय और जिला स्तर पर काम का बोझ बढ़ाने और मुकदमों की अंतिम सुनवाई के लिए कार्यरत अदालतों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया है ।

कलकत्ता उच्च न्यायालय की रजिस्ट्रार जनरल राय चट्टोपाध्याय ने शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि चार नियमित एकल पीठ के अलावा मुख्य न्यायाधीश टी बी एन राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पीठ समेत चार खंडपीठ कामकाज जारी रखेगी ।

यह भी पढ़े | COVID-19 Vaccine Update: अदार पूनावाला ने पूछा- क्या सरकार के पास अगले एक साल में कोरोना वैक्सीन पर खर्च करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपये हैं?.

इसके अतिरिक्त दो अन्य एकल पीठ सप्ताह में तीन दिन रिट याचिकाओं पर सुनवाई करेगी । इंटरनेट सुविधा और बेहतर हो जाने पर एक और एकल पीठ भी सुनवाई करेगी ।

उन्होंने अधिसूचना में कहा है कि अंतिम सुनवाई के मामलों में खंडपीठ और एकल पीठ दोनों के सामने प्रत्यक्ष तौर पर सुनवाई की अनुमति होगी। किसी खास मामले में डिजिटल-प्रत्यक्ष यानि मिश्रित तरीके से सुनवाई की जा सकती है क्योंकि किसी भी समय अदालत में वकीलों की संख्या छह या सात से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

यह भी पढ़े | Bada Business ‘Retail Ka Mahakumbh’ 2020 Live Streaming: विश्व के सबसे बड़े वेबिनार में डॉ विवेक बिंद्रा देंगे कोरोना काल में बिजनेस बढ़ाने का मंत्र, यहां देखें लाइव.

सुनवाई जारी रहने और अंतरिम चरण में डिजिटल तरीके से सुनवाई को तरजीह दी जाएगी।

चट्टोपाध्याय ने कहा है कि पोर्टब्लेयर में सर्किट बेंच से संबंधित मामलों की सुनवाई बुधवार को होगी ।

उच्च न्यायालय की कोविड कमेटी की सिफारिशों पर विचार करने के बाद मुख्य न्यायाधीश राधाकृष्णन ने कहा है कि उच्च न्यायालय और जिला स्तर पर, दोनों जगह काम का बोझ बढाने का प्रयास होना चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)