रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त ने रेलवे बोर्ड को पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने को कहा
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के दौरान पटरियों के सहारे घर लौट रहे 16 लोगों की मौत शुक्रवार तड़के महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में मालगाड़ी की चपेट में आने से हो गई थी।
नयी दिल्ली, आठ मई महाराष्ट्र में रेल पटरियों पर सो रहे 16 मजदूरों के मालगाड़ी की चपेट में आने से हुई मौत के बाद रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त शैलश पाठक ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने अत्यंत सावधानी बरतने और इस बात का निर्देश जारी करने को कहा है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के दौरान पटरियों के सहारे घर लौट रहे 16 लोगों की मौत शुक्रवार तड़के महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में मालगाड़ी की चपेट में आने से हो गई थी।
रेलवे में होने वाले सभी गंभीर दुर्घटना की जांच और रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने की जिम्मेदारी निभा रहे रेलवे सुरक्षा आयोग ने यह भी कहा कि प्रवासियों और अन्य लोगों के पटरियों के साथ चलने और उनकी मौतों की घटनाएं संज्ञान में आई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ मौजूदा परिस्थितियों में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके तहत यह जरूरी है कि रेल परिचालन, रखरखाव और गश्त में लगे सभी रेल कर्मचारी सतर्क रहें और पटरियों पर लोगों के चलने की जानकारी मिलते ही उसकी सूचना नजदीकी रेलवे स्टेशन को दें ताकि गुजरने वाली रेलगाड़ी की गति कम करने सहित अन्य उपाय अपनाए जा सके।’’
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव को लिखी चिट्ठी में पाठक ने कहा कि भारतीय रेलवे (खुले मार्ग) आम नियमावाली-1976 के तहत पहले ही ड्यूटी पर तैनात सभी रेलवे कर्मचारियों के प्रोटोकॉल में यह शामिल है।
पाठक ने कहा, ‘‘उक्त हादसे को देखते हुए यह अनुरोध किया जाता है सभी जोनल रेलवे तत्काल उचित निर्देश जारी करे ताकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं हो।’’
रेलवे मंत्रालय ने इस मामले की जांच दक्षिण मध्य क्षेत्र के रेलवे सुरक्षा आयुक्त राम कृपाल के तहत कराये जाने की घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे सुरक्षा आयोग नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन आता है और सभी रेलवे हादसों की जांच करता है।
सूत्रों ने बताया कि पटरियों पर गश्त करने वाले कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाएगी जिनकी जिम्मेदारी पटरियों पर आने वाले लोगों को हटाने और ऐसी किसी घटना की जानकारी नजदीकी रेलवे स्टेशन को देने की है।
हालांकि, रेलवे इसे रेल हादसा नहीं मान रही है और इसे रेल पटरियों पर अतिक्रमण से हुआ हादसा मान रही है। पहले हुई ऐसी कुछ घटनाओं मेकं रेलवे ने हादसे के शिकार व्यक्तियों के निकट परिजनों को सहानुभूति के आधार पर अनुग्रह राशि प्रदान की।
रेलवे ने अभी तक औरंगाबाद जिले में हादसे के शिकार लोगों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा नहीं की है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 06:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

