देश की खबरें | भारतीय नर्स की फांसी रोकने के लिए यमन के शीर्ष अधिकारियों के समक्ष मामला उठाया जाए: माकपा
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नयी दिल्ली, नौ जुलाई मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर उनसे यमन में शीर्ष स्तर के अधिकारियों के साथ संपर्क कर भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी को तुरंत रोकने का आग्रह किया।
जयशंकर को लिखे पत्र में ब्रिटास ने उन खबरों का हवाला दिया जिनमें कहा गया है कि निमिषा की फांसी 16 जुलाई को तय की गई है।
सांसद ने लिखा, ‘‘आसन्न फांसी की दुखद खबर से उसके परिवार और शुभचिंतकों में व्यापक चिंता और पीड़ा पैदा हो गई है। भारत सरकार को मामले में तत्काल और निर्णायक हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है।’’
ब्रिटास ने भारत सरकार से पीड़ित के परिवार, कबायली नेताओं और स्थानीय हितधारकों के साथ बातचीत को सुगम बनाने और मध्यस्थता करने का भी आह्वान किया, ताकि राजनयिक चैनलों और स्थानीय मध्यस्थों का उपयोग करके "दियात" के माध्यम से क्षमा प्राप्त की जा सके।
‘‘दियात’’ का मतलब उस आर्थिक मुआवजे से है, जो दोषी की तरफ से पीड़ित परिवार को दिया जाता है।
केरल के पलक्कड़ जिले के कोलेनगोड़े की रहने वाली प्रिया को जुलाई 2017 में यमन के एक व्यक्ति की हत्या का दोषी पाया गया था। वह उसका बिजनेस पार्टनर था।
वर्ष 2020 में, यमन की अदालत ने प्रिया को मौत की सजा सुनाई और देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में उसकी अपील खारिज कर दी।
नर्स प्रिया (38) वर्तमान में ईरान समर्थित हूतियों के नियंत्रण वाली यमन की राजधानी सना की जेल में बंद है।
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