देश की खबरें | केरल पुलिस के ‘शव खोजी कुत्ते’ तेलंगाना सुरंग हादसे के बचाव अभियान में शामिल होने घटनास्थल पर पहुंचे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग के एक हिस्से के ढहने के कारण इसमें फंसे आठ लोगों को बचाने के अभियान में शामिल होने के लिए केरल पुलिस के विशेष रूप से प्रशिक्षित ‘शव खोजी कुत्ते’ बृहस्पतिवार को नगरकुरनूल पहुंचे।

नगरकुरनूल/तिरुवनंतपुरम, छह मार्च तेलंगाना में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग के एक हिस्से के ढहने के कारण इसमें फंसे आठ लोगों को बचाने के अभियान में शामिल होने के लिए केरल पुलिस के विशेष रूप से प्रशिक्षित ‘शव खोजी कुत्ते’ बृहस्पतिवार को नगरकुरनूल पहुंचे।

कुत्ते हवाई मार्ग से पहुंचे और उनके ‘हैंडलर’ अधिकारियों के साथ सुरंग में दाखिल हुए।

तेलंगाना सरकार की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि किसी इंसान की मौजूदगी का पता लगाने के लिए कुत्तों को कैसे और कहां ले जाना है, इस पर एक योजना तैयार की जाएगी तथा शुक्रवार सुबह कुत्तों को सुरंग के अंदर ले जाया जाएगा।

इन कुत्तों को लापता मनुष्यों, मानव शवों का पता लगाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है।

केरल सरकार ने एक बयान में कहा कि ‘शव खोजी कुत्ते’ और उनके प्रशिक्षक अधिकारी बृहस्पतिवार की सुबह हैदराबाद के लिए रवाना हुए।

बयान में कहा गया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुरोध के बाद कुत्तों को बचाव अभियान के लिए भेजा गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने राज्य आपदा प्राधिकरण से इस संबंध में मदद मांगी थी।

बचावकर्मियों ने पहले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के खोजी कुत्ते की सेवाएं ली थीं, ताकि खुदाई के लिए किसी मानवीय मौजूदगी की पहचान करने के वास्ते क्षेत्र का चयन किया जा सके।

विज्ञप्ति में कहा गया कि एनडीएमए के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को घटनास्थल का दौरा किया।

राज्य सरकार के विशेष मुख्य सचिव (आपदा प्रबंधन) अरविंद कुमार ने सिंह को बचाव अभियान के बारे में जानकारी दी।

विज्ञप्ति के अनुसार, सुरंग के अंदर 13.650 किलोमीटर की दूरी पर हुए इस हादसे में 150 मीटर लंबी ‘टनल बोरिंग मशीन’ (टीबीएम) पत्थर और मलबा गिरने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई है। उस जगह पर मिट्टी, पानी और पत्थर जमा हो गए हैं।

इसमें कहा गया कि सुरंग के भीतर आठ लोगों के फंसे होने की आशंका है।

विशाल टीबीएम को काटकर फंसे हुए लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि सुरंग में ‘कन्वेयर बेल्ट’ चालू कर दी गई है और बेल्ट का उपयोग करके मिट्टी को निकालने के बाद बचाव अभियान में तेजी आएगी।

दुर्घटना के बाद ‘कन्वेयर बेल्ट’ क्षतिग्रस्त हो गई थी।

तेलंगाना की महत्वपूर्ण एसएलबीसी परियोजना सुरंग में 22 फरवरी से इंजीनियर और मजदूरों सहित आठ लोग फंसे हुए हैं तथा एनडीआरएफ, सेना, नौसेना और अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।

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