खेल की खबरें | अभी सर्वश्रेष्ठ आना बाकी है: सिंगापुर ओपन में सेमीफाइनल में पहुंचने पर सात्विक-चिराग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शारीरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ नहीं होने के बावजूद जिस तरह से शनिवार को यहां सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपने उच्च रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दी, उससे वे खुश हैं।
सिंगापुर, 31 मई भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शारीरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ नहीं होने के बावजूद जिस तरह से शनिवार को यहां सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपने उच्च रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दी, उससे वे खुश हैं।
एशियाई खेलों की चैंपियन इस जोड़ी को सेमीफाइनल में मलेशिया की दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी आरोन चिया और सोह वूई यिक से 21-19, 10-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा।
हार के बाद चिराग ने कहा, ‘‘पेशेवर और व्यक्तिगत रूप से हमने जितने सप्ताह, महीने जितने दिन ट्रेनिंग की और उसके बाद यहां आकर सेमीफाइनल खेलना, हमने कभी नहीं सोचा था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि इसमें बहुत सारी सकारात्मक बातें हैं। आप हमेशा आगे बढ़ना चाहते हैं और खिताब जीतना चाहते हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों में हमने जैसे हालात का भी सामना किया है, उसे देखता हूं तो वापस आकर सेमीफाइनल खेलना वास्तव में एक अच्छी शुरुआत है। अब हम इंडोनेशिया जाएंगे। ’’
सात्विक और चिराग ओलंपिक के बाद कई असफलताओं के कारण लगातार संघर्ष कर रहे थे।
पिछले साल चाइना ओपन में सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद वे मलेशिया और इंडिया ओपन में अंतिम चार में पहुंचे। लेकिन फिर स्वास्थ्य और व्यक्तिगत चुनौतियों से जूझना पड़ा। इस साल की शुरुआत में सात्विक के पिता का निधन हो गया। बीमारी के कारण वे सुदीरमन कप से भी चूक गए।
वापसी के बाद ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के दौरान चिराग की पीठ की चोट फिर से उभर आई। कोर्ट से दूर रहने के कारण उनकी रैंकिंग प्रभावित हुई क्योंकि वे विश्व नंबर एक से 27वें स्थान पर खिसक गए।
सात्विक ने कहा, ‘‘यही योजना थी कि रैंकिंग फिर से हासिल की जाए। मुझे लगता है कि हमें 27वां नंबर पसंद नहीं आया। लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमें ब्रेक लिया, दुर्भाग्यपूर्ण चीजें हुईं और ओलंपिक के बाद यहां-वहां कुछ चोटें आईं। हमने काफी टूर्नामेंट नहीं खेले, लेकिन अगर आप मुड़कर देखो तो जिसमें भी हम खेले, उसके सेमीफाइनल में पहुंचे, जो अच्छा संकेत है। ’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2025 10:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

