देश की खबरें | बिहार विद्यापीठ भूमि मामले में अपील पर सुनवाई को तैयार शीर्ष अदालत
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नयी दिल्ली, 20 जुलाई उच्चतम न्यायालय ‘बिहार विद्यापीठ’ की 32-एकड़ जमीन को लेकर पटना उच्च न्यायालय में चल रही कार्यवाही के खिलाफ अपील की सुनवाई पर बुधवार को सहमत हो गया।
बिहार विद्यापीठ की यह जमीन राजधानी पटना के एक प्रमुख इलाके में वहां है, जहां कभी कांग्रेस कार्यालय ‘सदाकत आश्रम’ हुआ करता था।
भूमि के मालिक की ओर से पेश वकील शोएब आलम ने प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ से आग्रह किया कि उच्च न्यायालय राज्य सरकार द्वारा निजी संपत्ति के अधिग्रहण का आदेश देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वकील ने पीठ को कहा, “मैं इस विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग कर रहा हूं। पटना उच्च न्यायालय जनहित याचिका क्षेत्राधिकार में मेरी निजी संपत्ति का अधिग्रहण करने की दिशा में अग्रसर है। (उच्च न्यायालय में) मामले की सुनवाई हर रोज हो रही है।’’
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई मुकदमों की सूची के अनुसार, मामले को 25 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
बिहार विद्यापीठ महात्मा गांधी द्वारा छह फरवरी, 1921 को राज्य की राजधानी में गंगा के तट पर 32 एकड़ जमीन में स्थापित किया गया था और यहां दशकों से कांग्रेस पार्टी का कार्यालय 'सदाकत आश्रम' था।
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