संभल (उप्र), चार फरवरी संभल जिला प्रशासन ने प्राचीन ‘चतुर्मुख’ कूप का जीर्णोद्धार ‘मॉडल कूप’ के रूप में करने और जिले के अन्य धार्मिक तीर्थ स्थलों के उत्थान की योजना बनाई है।
अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव शीघ्र ही राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
नगर पालिका के अधिशासी अभियंता मणि भूषण तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि जिलाधिकारी ने क्षेत्र के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘नगर क्षेत्र में 19 प्राचीन कूप हैं और उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इन जगहों पर बेहतर पहुंच मार्ग, प्रवेश द्वार बनाने तथा सूचना पट्टी लगाने की योजना है।’’
उन्होंने बताया कि भद्रक आश्रम, पाप मोचन तीर्थ, मृत्यंजय तीर्थ तथा शंख माधव तीर्थ को विकसित करने के लिए ‘वंदन’ योजना के तहत प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं जिन्हें राज्य सरकार को भेजा जाएगा।’’
‘चतुर्मुख’ कूप के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘इसे एक ‘मॉडल’ कूप के रूप में विकसित किया जाएगा जिसके तहत इसकी प्राचीन संरचना को बनाए रखते हुए उसी ऐतिहासिक ईंटों का उपयोग किया जाएगा। आकर्षण को बढ़ाने के लिए इस स्थल पर सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।’’
उन्होंने बताया कि सभी तीर्थ स्थलों के प्रवेश द्वारों को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि उनके ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक महत्व की झलक दिखे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्थल से संबंधित इतिहास और तथ्यों को भगवान कल्कि के अवतारों के चित्रण के साथ प्रदर्शित किया जाएगा ताकि पर्यटकों को क्षेत्र की विरासत के बारे में बताया जा सके।
तिवारी के अनुसार, भद्रक आश्रम और मृत्युंजय महातीर्थ सहित 10 कूपों और तीन तीर्थ स्थलों को विकसित करने के प्रस्ताव भी ‘वंदन’ योजना के तहत राज्य सरकार को भेजे जाएंगे।
उन्होंने बताया कि शंख माधव तीर्थ पर प्रवेश द्वार तथा चारदीवारी बनाने और पाप मोचन तीर्थ को विकसित करने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY