विदेश की खबरें | थाईलैंड के नरेश ने पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा की जेल की सजा घटाकर एक साल की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. शिनावात्रा 15 साल के आत्म-निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

शिनावात्रा 15 साल के आत्म-निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे हैं।

नरेश वजीरालोंगकोर्न का यह फैसला शुक्रवार को रॉयल गजट में प्रकाशित हुआ। उनका यह फैसला तत्काल प्रभावी हो गया। थाईलैंड में संवैधानिक राजतंत्र है, जिसमें नरेश को दोषी ठहराए गए अपराधियों की क्षमा पर अंतिम फैसला करने का अधिकार है।

थाकसिन (74) को नरेश की ओर से क्षमादान मिलने वाले आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई, ताकि वह अपने ज्ञान और क्षमताओं से देश और उसके लोगों की मदद कर सकें।

उप प्रधानमंत्री और कार्यवाहक न्याय मंत्री विसनु क्रिया-नगम ने एक दिन पहले कहा था कि उन्हें थाकसिन से एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने मुख्य रूप से चिकित्सा आधार पर शाही माफी का अनुरोध किया है।

शिनावात्रा 2001 से 2006 के बीच देश के प्रधानमंत्री थे और सैन्य तख्तापलट में उन्हें पद से हटा दिया गया था। 2008 में उन्हें विभिन्न आरोपों पर जेल की सजा का सामना करना पड़ा, तो वह थाईलैंड से भाग गए। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था।

वह पिछले सप्ताह स्वदेश लौटे और उन्हें तुरंत जेल भेज दिया गया, लेकिन उनके कमजोर स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें जल्दी ही एक राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

देश भर में यह माना जा रहा है कि थाकसिन इस उम्मीद से स्वदेश लौटे थे कि नयी सरकार के साथ उनके अव्छे संबंध हैं और सरकार उनकी सजा कम कर देगी, और संभव है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ कोई समझौता किया हो।

एपी

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