देश की खबरें | सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर गर्म कपड़ों की अस्थायी दुकानें लगाईं गईं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती ठंड के बीच सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल पर किसानों की मदद के लिये गर्म कपड़ों के ठेले लगाए गए हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती ठंड के बीच सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल पर किसानों की मदद के लिये गर्म कपड़ों के ठेले लगाए गए हैं।

इलाके के कुछ नियमित तथा अनियमित दुकानदारों ने कहा कि वह किसानों की मदद करने से साथ-साथ अपने लिये रोजी-रोटी कमाने के वास्ते यहां आए हैं।

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मोहम्मद अशरफ ने कहा, ''हम यहां किसानों को सहयोग करने आए हैं, और इस तरह थोड़ा हमारा भी सहयोग होगा।''

अशरफ ने कहा कि उनके दादा भी किसान थे।

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उन्होंने सोमवार को प्रदर्शन स्थल पर ठेला लगाया, जहां हजारों किसान बीते दो हफ्तों से तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

अशरफ के ठेले पर महिलाओं और पुरुषों की गर्म जैकेटों का ढेर लगा है। उन्होंने बताया कि सभी जैकेटों के दाम 400-400 रुपये हैं।

उन्होंने कहा कि वह आठ साल से नियमित रूप से जहांगीरपुरी के मंगल बाजार में ठेला लगा रहे हैं और साल के अंत में जैसा काम होना चाहिये, उसके मुकाबले अब थोड़ा बेहतर काम है।

अशरफ ने स्टॉक में ये जैकेटें खरीदीं हैं और उन्हें उम्मीद हैं कि ''2-4 दिन'' में सब बिक जाएंगी।

अशरफ की तरह सगीर अहमद ने भी जहांगीरपुरी के बाजार में नियमित रूप से ठेला लगाने के बजाय प्रदर्शन स्थल पर ठेला लगाया है। वह पहले के मुकाबले थोड़ी अधिक कमाई होने की उम्मीद कर रहे हैं।

इसी प्रकार कई अन्य ठेले वालों ने प्रदर्शन स्थल पर गर्म कपड़ों के ठेले लगाएं हैं।

किसानों ने भी कहा कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, उसे देखते हुए यहां ठेले लगने से उन्हें राहत मिली है।

पंजाब के संगरूर से 10 दिन पहले सिंघू बॉर्डर आने वाले मंदीप और गुरप्रीत सिंह ने कहा कि कड़ाके की ठंड में इन दुकानों का होना राहत की बात है।

लुधियाना के निवासी लाली इंदरपाल भी बीते 10 दिन से यहां डटे हुए हैं। उन्होंने अपने लिये साढ़े तीन-तीन सौ रुपये की तीन जैकेटें खरीदी हैं।

उन्होंने कहा, ''हमारे पास पर्याप्त गर्म कपड़े थे। लेकिन हमें नहीं पता कि यहां कितने दिन ठहरना होगा। क्योंकि ठंड बढ़ती जा रही है, तो हमें लगा कि अधिक से अधिक गर्म कपड़े साथ रखना ठीक होगा।''

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