देश की खबरें | तेलंगाना: अदालत ने राज्य सचिवालय भवन को ध्वस्त किये जाने पर अस्थायी रोक की अवधि बढ़ाई

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हैदराबाद, 16 जुलाई तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्य सचिवालय भवन को ध्वस्त किये जाने पर अस्थायी रोक की अवधि बृहस्पतिवार को बढ़ा कर 17 जुलाई तक कर दी।

मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति बी विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने प्रोफेसर पी एल विश्वेश्वर राव और डॉ चेरूकु सुधाकर द्वारा दायर एक याचिका पर 10 जुलाई को सुनवाई करते हुए भवन को ध्वस्त किये जाने पर 13 जुलाई तक के लिये स्थगन आदेश जारी किया था।

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बाद में इसे 15 जुलाई तक बढ़ाते हुए सरकार को इस पर (ध्वस्त किये जाने पर) राज्य मंत्रिमंडल का एक प्रस्ताव सीलबंद लिफाफे में सौंपने का निर्देश दिया गया था।

इसके बाद, बुधवार को इसे एक दिन के लिये बढ़ा दिया गया था।

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याचिकाकर्ताओं ने आरेाप लगाया है कि मौजूदा सचिवालय परिसर को ध्वस्त करने का कार्य समुचित कानूनी प्रक्रिया के बगैर किया जा रहा है।

यह परिसर करीब 10 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है।

हालांकि, तेलंगाना के महाधिवक्ता ने अदालत से कहा कि राज्य सरकार ने भवन को ध्वस्त करने के लिये ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम से आवश्यक अनुमति ली है।

अदालत ने बृहस्पतिवार को स्थगन की अवधि बढ़ाते हुए केंद्र को इस बारे में जवाब सौंपने को कहा कि क्या सचिवालय परिसर को ध्वस्त करने के लिये पर्यावरण मंजूरी की जरूरत है?

वहीं, याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मौजूदा ढांचे को ध्वस्त किया जाना महामारी के समय में एक मनमाना कार्य है और इससे आसपास के इलाके के पांच लाख लोग स्वच्छ हवा से वंचित हो जाएंगे।

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