Kulbhushan Jadhav Case: कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने दिया दूसरा कॉन्सुलर एक्सेस
पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को बिना शर्त काउंसलर एक्सेस दे दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत की तरफ से कुछ लोग उनसे मुलाकात करने पहुंचे हैं. फिलहाल इसपर अभी तक किसी प्रकार की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इससे पहले भारत की तरफ से पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव को बिना शर्त काउंसलर एक्सेस देने की मांग की गई थी.
पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को बिना शर्त काउंसलर एक्सेस दे दिया है. रिपोर्ट के पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को आज दूसरी कॉन्सुलर एक्सेस मिली है. . फिलहाल इसपर अभी तक किसी प्रकार की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इससे पहले भारत की तरफ से पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव को बिना शर्त काउंसलर एक्सेस देने की मांग की गई थी. इससे पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि सजा की समीक्षा याचिका दायर करने से भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव ने इनकार कर दिया था. जिसपर भारत ने प्रतिकिया देते हुए इसे एक नाटक करार दिया था.
बता दें कि कुलभूषण जाधव साल 2016 से पाकिस्तान की जेल में हैं. पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को कई बार नकारा जा चुका है. पाकिस्तान ने मार्च 2016 में जाधव को गिरफ्तार किया था. साल 2017 में भारत ने इस मामले को ICJ में उठाया. 10 जुलाई को ही भारत ने जाधव मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही थी.
ANI का ट्वीट:-
Indian citizen Kulbhushan Jadhav granted second consular access today. Indian officials at Pakistan foreign office: Pakistan Media (File pic) pic.twitter.com/3olA2GAFOY
— ANI (@ANI) July 16, 2020
जानें पूरा मामला
पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी. इसके कुछ हफ्तों बाद भारत ने जाधव को दूतावास पहुंच नहीं दिये जाने और उसे सुनाई गई मौत की सजा को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में अपील की थी. । आईसीजे ने तब पाकिस्तान को सजा पर अमल करने से रोक दिया था. उसके बाद हेग स्थित अदालत ने पिछले साल जुलाई में कहा था कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराए जाने और सजा पर प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार करना चाहिए और बिना किसी देरी के उसे भारतीय दूतावास की पहुंच उपलब्ध करानी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2020 04:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

