विदेश की खबरें | भारत-अमेरिका वार्ता में प्रौद्योगिकी सहयोग प्रमुखता से शामिल रहा : विदेश सचिव क्वात्रा
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वाशिंगटन, 23 जून विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच वार्ता में प्रौद्योगिकी सहयोग का मुद्दा प्रमुखता से शामिल था और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जारी राजकीय यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है।
क्वात्रा ने मोदी की अमेरिका यात्रा के दूसरे दिन हुई वार्ताओं का ब्योरा दिया, जिसकी शुरुआत व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में भव्य स्वागत कार्यक्रम से हुई।
इसके बाद द्विपक्षीय चर्चाएं हुईं, प्रेस को संबोधन, अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधन और फिर राजकीय भोज हुआ जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला और अल्फाबेट के प्रमुख सुंदर पिचाई सहित कई विशिष्ट गणमान्य अतिथि शामिल थे।
क्वात्रा ने बृहस्पतिवार को मीडियाकर्मियों को इसका ब्योरा देते हुए कहा, ‘‘बहुत स्पष्ट रूप से प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से उन्नत प्रौद्योगिकी, रक्षा से लेकर अंतरिक्ष और ऊर्जा तक सभी क्षेत्रों में बातचीत के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वार्ता में प्रौद्योगिकी को विशेष रूप से शामिल किया गया, सीमित तरीके से नहीं बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में प्रौद्योगिकी सहयोग को शामिल किया गया। इसमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सेवाएं और अन्य क्षेत्रों के बीच अनुसंधान में एक साथ काम करना शामिल है।’’
क्वात्रा ने कहा कि यात्रा के दौरान सिर्फ राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘‘अभूतपूर्व गर्मजोशी भरा स्वागत और आतिथ्य’’ ही एकमात्र विषय के रूप में छाया रहा।
उन्होंने यात्रा को ‘‘पथ-प्रदर्शक’’ बताते हुए कहा कि यात्रा कई मायनों में बेहद सफल रही। उन्होंने यात्रा की उपलब्धियों को रेखांकित करने के लिए रक्षा सहित विभिन्न समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने यात्रा की उपलब्धियों के बारे में रेखांकित करते हुए रक्षा सहित विभिन्न समझौतों को जिक्र किया।
विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा, ‘‘अमेरिकी कांग्रेस में आतंकवाद की चुनौती का जिक्र करने के साथ प्रधानमंत्री ने कहा कि 9/11 के दो दशक और 26/11 के एक दशक बाद भी आतंकवाद की समस्या वैश्विक समुदाय के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।’’
उन्होंने कहा कि मोदी ने स्पष्ट रूप से ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बात समझने की आवश्यकता पर जोर दिया कि जो लोग आतंकवाद को प्रायोजित करते हैं, आतंकवाद का समर्थन करते हैं, वे हमारे समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं और उनसे बहुत सख्ती से निपटना होगा।’’
क्वात्रा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच हुई चर्चा में दोनों नेताओं ने ऐसी वैश्विक चुनौतियों के सभी पहलुओं पर चर्चा की और इस पर भी मंथन किया कि भारत एवं अमेरिका इस चुनौती को कम करने, इसका समाधान करने और यथासंभव व्यापक रूप से निपटने के लिए कैसे सहयोग कर सकते हैं।’’
अमेरिकी कांग्रेस में बृहस्पतिवार को अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ‘‘ये विचारधाराएं नयी पहचान और रूप लेती रहती हैं, लेकिन उनके इरादे वही हैं। आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इससे निपटने में कोई किंतु-परंतु नहीं हो सकता। हमें आतंक को प्रायोजित और निर्यात करने वाली ऐसी सभी ताकतों पर काबू पाना होगा।’’
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