जरुरी जानकारी | आईओसी के आग प्रभावित चार्टर्ड जहाज से तेल स्थानांतरित करने के लिये सुरक्षित बंदरगाह की तलाश में टीम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य ने बुधवार को कहा कंपनी के लिये तेल लेकर आ रहे जहाज में आग लगने और उसे समय रहते काबू में कर लेने से एक बड़ा पर्यावरण हादसा टल गया और अब इस चार्टर्ड सुपर टैंकर से तेल को दूसरे टेंकर में स्थानांतरित करने के लिये सुरक्षित बंदरगाह की तलाश की जा रही है।
नयी दिल्ली, 23 सितंबर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन श्रीकांत माधव वैद्य ने बुधवार को कहा कंपनी के लिये तेल लेकर आ रहे जहाज में आग लगने और उसे समय रहते काबू में कर लेने से एक बड़ा पर्यावरण हादसा टल गया और अब इस चार्टर्ड सुपर टैंकर से तेल को दूसरे टेंकर में स्थानांतरित करने के लिये सुरक्षित बंदरगाह की तलाश की जा रही है।
न्यू शिपिंग के नियंत्रण वाला बीस साल पुराना जहाज एमटी न्यू डायमंड 2,70,000 टन कुवैत कच्चा तेल मीना-अल-अहमदी से ओड़िशा के पारादीप ला रहा था। तीन सितंबर को श्रीलंका के पूर्वी तट से 38 समुद्री मील की दूरी पर इस जहाज के इंजन में आग लग गयी थी।
आग को बुझा दिया गया और पूरा 20 लाख बैरल (2,70,000 टन) तेल बचा लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी बात कच्चा तेल टैंकर सुरक्षित है। भारत तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने श्रीलंका नौसेना की मदद से इंजन में लगी आग को पूरी तरह से बुझा दिया।’’
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जहाज फिलहाल तट से करीब 70 समुद्री मील दूर श्रीलंका के जल क्षेत्र में है।
एसएमआईटी सिंगापुर पीटीई लि. को आग से प्रभावित जहाज के बचाव का काम दिया गया है।
वैद्य के अनुसार एसएमआईटी जहाज को उस जगह ले जाने के बारे में निर्णय करेगी जहां से कच्चा तेल को पारादीप लाने के लिये दूसरे जहाज में लादा जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक लंबी प्रक्रिया है। इसमें दो महीने का समय लगेगा।’’
वैद्य ने कहा कि बंदरगाह के बारे में निर्णय बचाव टीम करेगी और यह कोई जरूरी नहीं है कि वह भारतीय बंदरगाह हो। उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारतीय बंदरगाहों की भी पेशकश की है। वे इसके बारे में निर्णय करेंगे।’’
आईओसी प्रमुख ने कहा कि भारत नौसेना, तटरक्षक बल के आठ जहाजों ने जहाज पर लगी आग को बुझाकर एक पर्यारवरण आपदा को टाला। जहाज में आग लगने के कारण अगर तेल रिसकर समुद्र में जाता तो इससे बड़ा पर्यावरण हादसा होता।
उन्होंने कहा कि जहाज पर तैनात 22 लोगों में से 21 को बचा लिया गया है।
एक समन्वित प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका और मारीशस जैसे हादसे को टाला गया।
एमटी न्यू डायमंड का स्वामित्व लाइबेरिया के प्रोटो एम्पोरियोस शिपिंग के पास है जबकि तकनीकी और वाणिज्यिक परिचालक यूनान के न्यू शिपिंग लि. के पास है।
जहाज में आग तब लगी जब यह संगामान कांडा बंदरगाह से 38 समुद्री मील की दूरी पर स्थित था।
आग को पूरी तरह से आठ सितंबर की रात को बुझा दिया गया।
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