देश की खबरें | तृकां सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिये कुछ नहीं किया : कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल सरकार पर कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रदेश में लौटे श्रमिकों के लिये कुछ नहीं करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी अगर सत्ता में आती है तो प्रत्येक गरीब के खाते में सीधे नकदी का हस्तांतरण किया जायेगा ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 30 दिसंबर पश्चिम बंगाल सरकार पर कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रदेश में लौटे श्रमिकों के लिये कुछ नहीं करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी अगर सत्ता में आती है तो प्रत्येक गरीब के खाते में सीधे नकदी का हस्तांतरण किया जायेगा ।

चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने, लॉकडाउन एवं लॉकडाउन के बाद प्रवासी श्रमिकों के पास नकदी का अभाव नहीं हो, इसके लिये उनके खाते में सीधे नकदी हस्तांतरण का प्रस्ताव दिया था और केंद्र सरकार ने इसके लिये 50 हजार करोड़ रुपये की परियोजना की घोषणा की थी ।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी वादे के रूप में प्रत्येक गरीब व्यक्ति को नकद देने की वकालत की थी ।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह कोई खोखला वादा नहीं था । छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रत्येक गरीब की जेब में 5700 रुपये देने की व्यवस्था की है । अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में अगर हम निर्वाचित होते हैं तो हमलोग यह सुनिश्चित करेंगे के छत्तीसगढ़ की यह योजना पश्चिम बंगाल में भी लागू हो ।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की सरकार के कारण प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को अब तक केंद्र की परियोजना का लाभ नहीं मिल सका है क्योंकि राज्य सरकार ने प्रदेश के 25 हजार प्रवासी श्रमिकों की सूची केंद्र को नहीं भेजी है।

लॉकडाउन के बाद राज्य छोड़ चुके प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंता पर सवाल उठाते हुये कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘दीदी (ममता) कम से कम उनके बारे में सोचें । लॉकडाउन के दौरान आर्थिक संकट का सामना करने के बाद वे अपने गृह राज्य लौट आये हैं और उन्हें नौकरी के अवसर मिलने के बाद एक बार फिर से राज्य छोड़ना पड़ा है ।

अपने परिवार को बाहर से पैसे भेने वाले प्रवासी श्रमिकों के प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान को रेखांकित करते हुये चौधरी ने कहा , ‘‘लेकिन, उनके बारे में सोचने के लिये आपके (ममता) के पास समय नहीं है।’’

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