देश की खबरें | तमिलनाडु पुलिस ने कट्टरपंथ से मुक्ति कार्यक्रम के लिए 100 से अधिक युवाओं की पहचान की : राज्य सरकार
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चेन्नई, 28 अप्रैल तमिलनाडु पुलिस ने कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित और आईएसआईएस सहित प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की ओर झुकाव वाले 100 से अधिक युवाओं की पहचान की है और उन्हें कट्टरपंथ से मुक्ति दिलाने वाले कार्यक्रम में शामिल किया है। तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत 2025-26 के लिए गृह विभाग संबंधी नीति नोट में कहा गया है कि विशेष खुफिया इकाइयों (एसआईयू) द्वारा उनकी पहचान की गई है।
इसमें कहा गया है, “कट्टरपंथी विचारधारा रखने वाले तथा आईएसआईएस, अलकायदा आदि जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों की ओर झुकाव रखने वाले अनेक युवाओं की पहचान करने के प्रयास किए गए। कट्टरपंथ से मुक्त होकर उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए धार्मिक विद्वानों, मनोचिकित्सकों की सेवाओं का उपयोग किया गया है। अब तक, 101 कट्टरपंथी युवाओं को, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, कट्टरपंथ रोधी कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जिसमें 2024 के दौरान शामिल किए गए 19 व्यक्ति शामिल हैं।”
इसके अलावा, पुलिस ने एक खुफिया रिपोर्ट के आधार पर राज्य में प्रतिबंधित हिज्ब-उत-ताहिर (एचयूटी) का समर्थन करने वाले ‘कुछ लोगों’ के प्रयासों को विफल कर दिया और उन्हें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत गिरफ्तार कर लिया।
उपासना स्थलों, कब्रिस्तानों आदि पर विवादों से जुड़े सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर संबंधित जिलों और शहरों के अधिकारियों के साथ समय पर खुफिया जानकारी साझा करने के कारण, सांप्रदायिक उपद्रव या झड़पों को विफल कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ पोस्ट करने के लिए 2024 में 48 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
नोट में कहा गया है कि तमिलनाडु में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में 93 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगभग 52 मामले दर्ज किए गए।
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