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तमिलनाडु सरकार ने लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिये संक्रमण से मुक्त इलाकों को दी ढील

राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीसामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में 17 मई तक लॉकडाउन के विस्तार को मंजूरी दी गयी तथा तीसरे चरण के लिये दिशानिर्देश जारी किये गये। इस बैठक में कोरोनो वायरस के संक्रमण से प्रभावित इलाकों के लिये पाबंदियों में कोई ढील नहीं दी गयी, जबकि संक्रमण से मुक्त इलाकों में कुछ गतिविधियों को शुरू करने की मंजूरी दी गयी।

तमिलनाडु सरकार ने लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिये संक्रमण से मुक्त इलाकों को दी ढील

चेन्नई, दो मई तमिलनाडु सरकार ने लॉकडाउन पर केंद्र सरकार के नये दिशानिर्देशों के बाद संक्रमण से मुक्त क्षेत्रों में पाबंदियों में ढील देने की शनिवार को घोषणा की। राज्य में चार मई से निर्माण गतिविधियों, सड़क कार्यों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) आदि को फिर से शुरू करने की अनुमति दी गयी।

राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीसामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में 17 मई तक लॉकडाउन के विस्तार को मंजूरी दी गयी तथा तीसरे चरण के लिये दिशानिर्देश जारी किये गये। इस बैठक में कोरोनो वायरस के संक्रमण से प्रभावित इलाकों के लिये पाबंदियों में कोई ढील नहीं दी गयी, जबकि संक्रमण से मुक्त इलाकों में कुछ गतिविधियों को शुरू करने की मंजूरी दी गयी।

इन गतिविधियों में निर्माण कार्य, सड़क के काम, सेज, निर्यात इकाइयों आदि को छूट दी गयी। नये दिशानिर्देशों में कहा गया कि निर्यात इकाइयों 20 कर्मचारी अथवा 25 प्रतिशत कर्मचारी के साथ परिचालन शुरू कर सकती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी तथा इस पर आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियां न्यूनतम 20 कर्मचारियों या 10 प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या के साथ कार्य कर सकती हैं।

इसके अलावा, आवश्यक वस्तुएं बेचने वाली किराना दुकानें सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक और रेस्तरां (केवल टेकअवे के लिये) सुबह छह से शाम नौ बजे के बीच कार्य कर सकते हैं।

सैलून या ब्यूटी पार्लरों अभी भी बंद रहेंगे, जबकि प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, एसी मैकेनिक और टेलर्स जैसे सेवा प्रदाता काम कर सकते हैं। इन सभी गतिविधियों को संक्रमण से प्रभावित क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों के लिये अनुमति दी गयी है।

नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में कपड़ा मिल समेत सभी कारखाने 20 कर्मचारियों या 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ परिचालन शुरू कर सकते हैं।

15 हजार से अधिक आबादी वाले नगर पंचायतों में जिला कलेक्टर से मंजूरी मिलने के बाद कपड़ा मिलें 50 प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या के साथ कार्य कर सकती हैं।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेज, ईओयू, औद्योगिक क्षेत्र में स्थित इकाइयां 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं। उपनगरीय इलाकें के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कपड़ा मिलों को कोई ढील नहीं मिली है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2020 09:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).