नयी दिल्ली, तीन दिसंबर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
ईडी ने डीवीएसी के अधिकारियों पर अपने कार्यालय में गैर-कानूनी रूप से तलाशी लेने और संवेदनशील दस्तावेज चुराने का आरोप लगाया है।
ईडी का आरोप है कि एक दिसंबर को मदुरै स्थित उसके उप-क्षेत्रीय कार्यालय में डीवीएसी की ओर से की गयी छापेमारी के दौरान उसके अधिकारियों ने ईडी के पूरे कार्यालय में तोड़फोड़ की।
तमिलनाडु के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक विभाग द्वारा ईडी के मदुरै में तैनात प्रवर्तन अधिकारी अंकित तिवारी को एक चिकित्सक से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद डीवीएसी की ओर से तलाशी ली गई।
ऐसा माना जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने भी तिवारी से जुड़े आरोपों की जांच के लिए अपने अधिकारी के खिलाफ डीवीएसी की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए धनशोधन का मामला दर्ज किया है।
ईडी के मदुरै कार्यालय के स्टेशन प्रमुख एवं सहायक निदेशक रैंक के अधिकारी ने शनिवार को तमिलनाडु के डीजीपी को पत्र लिखकर कहा कि डीवीएसी द्वारा की गई कथित तलाशी न केवल अवैध है, बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है।
ईडी के अधिकारी ने डीजीपी को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘हम आपसे अनुरोध करते हैं कि अवैध तलाशी लेने वाले डीवीएसी अधिकारियों और उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करें, जिन्होंने अनधिकृत तरीके से ईडी के कार्यालय परिसर में प्रवेश किया और ईडी के दस्तावेज चुराए, प्रतियां लीं और अन्य अपराध किए।’’
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