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कोविड-19 से मरने वालों को दफनाने का विरोध किए जाने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री व्यथित

उन्होंने कहा कि सभी को स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण भाव का सम्मान करना चाहिए।

कोविड-19 से मरने वालों को दफनाने का विरोध किए जाने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री व्यथित
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चेन्नई, 21 अप्रैल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 बीमारी से मरने वाले डॉक्टरों को दफनाए जाने का स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने की घटनाएं दुखद हैं।

उन्होंने कहा कि सभी को स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण भाव का सम्मान करना चाहिए।

पलानीस्वामी ने कोरोना वायरस महामारी से अग्रिम मोर्चे पर लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों और निस्वार्थ भाव से काम कर रहे डॉक्टरों को ‘‘भगवान के समतुल्य’’ बताया।

उन्होंने कहा कि महामारी से मरने वालों को उचित प्रक्रिया के तहत दफनाया जा रहा है।

शहर की पुलिस आयुक्त ने कोविड-19 से मरने वालों को दफनाए जाने का विरोध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पलानीस्वामी ने ट्वीट किया, “आज जब कोरोना वायरस से डॉक्टर हमें बचाने में लगे हैं तब डॉक्टरों (मृत्यु होने पर) को दफनाए जाने का विरोध किए जाने की घटनाएं व्यथित करने वाली हैं।”

उन्होंने कहा, “हमें उनके (डॉक्टरों) समर्पण और कार्य का मानवता के नाते सम्मान करना चाहिए।”

गत सप्ताह दो अलग घटनाओं में कोविड-19 से दो डॉक्टरों की मौत हो गई थी लेकिन स्थानीय लोगों ने महामारी फैलने के डर से उन्हें दफनाए जाने का विरोध किया था।

दोनों घटनाओं में अधिकारियों द्वारा औपचारिकताएं पूर्ण न कर पाने के बाद शवों को पूर्व चयनित स्थान की बजाय दूसरे स्थान पर दफनाया गया था।

गौरतलब है कि एक न्यूरोसर्जन डॉक्टर की कोविड-19 से मौत होने के बाद रविवार रात को जब उन्हें दफनाने ले जाया गया तो भीड़ ने उन पर ईंटों, पत्थरों, बोतलों और डंडों से हमला किया।

इसके बाद मृतक के सहयोगी हड्डियों के सर्जन डॉक्टर को दो वार्ड बॉय की सहायता से मृतक को अपने हाथों से दफनाना पड़ा था।

इस बीच नगर पुलिस आयुक्त ए के विश्वनाथन ने ऐसी घटनाओं को “अमानवीय हिंसा” करार देते हुए निंदा की है।

उन्होंने कहा कि शव को दफनाए जाने का विरोध किए जाने की कल हुई घटना के संबंध में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “निकाय और स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देशों के अनुसार दफनाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार शव से संक्रमण फैलने की कोई आशंका नहीं है।”

उन्होंने कहा कि दफनाने का विरोध करने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी और उनके विरूद्ध गुंडा अधिनियम के तहत कदम उठाये जा सकते हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 06:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).