विदेश की खबरें | परमाणु हथियारों के प्रबंधन पर अमेरिका से बातचीत जारी है: दक्षिण कोरिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

दरअसल उत्तर कोरिया ने नए साल के पहले ही दिन रविवार को एक मिसाइल का परीक्षण किया। वहीं उसके नेता किम जोंग उन ने अपने देश के परमाणु शस्त्रागार का विस्तार करने और नई व अधिक शक्तिशाली अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल विकसित करने का संकल्प लिया था। माना जा रहा है कि इन हथियारों के निर्माण का लक्ष्य दक्षिण कोरिया और अमेरिका को निशाना बनाने के लिए है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योओल ने सोमवार को समाचार पत्र में प्रकाशित एक साक्षात्कार में कहा कि दोनों देश अमेरिकी परमाणु शस्त्रों के संबंध में संयुक्त योजना एवं प्रशिक्षण की योजना बना रहे हैं, अमेरिका ने इस विचार में दिलचस्पी दिखाई है।

वहीं जब इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से एक पत्रकार ने प्रश्न किया कि क्या दोनों देश संयुक्त परमाणु अभ्यास पर चर्चा कर रहे है तो बाइडन ने कहा ‘‘ नहीं।’’

यून के प्रवक्ता किम उन हे ने मंगलवार को एक बयान जारी करके कहा कि सियोल और वाशिंगटन ‘‘ उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे के जवाब में अमेरिकी परमाणु संपत्तियों के संबंध में सूचना साझा करने, संयुक्त योजना और संयुक्त कार्य योजना पर विचार विमर्श कर रहे हैं।’’

किम ने कहा कि बाइडन ने जवाब में ‘नहीं’ कह दिया होगा क्योंकि पत्रकार ने परमाणु अभ्यास के बारे में बिना किसी पृष्ठभूमि के प्रश्न पूछ लिया होगा।

यून ने समाचारपत्र ‘द चोसुन इल्बो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा था, ‘‘परमाणु हथियार अमेरिका के हैं, लेकिन योजना , सूचना साझाकरण, अभ्यास और प्रशिक्षण दक्षिण कोरिया तथा अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से किए जाने चाहिए।’’

गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया के पास कोई परमाणु हथियार नहीं है और वह अमेरिका की ‘परमाणु सुरक्षा’ में है।

एपी

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