देश की खबरें | प्रतिभा का धनी नहीं था, लेकिन कड़ी मेहनत की: कोटल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय फुटबॉल टीम के डिफेंडर प्रीतम कोटल ने कहा कि वह प्रतिभा के इतने धनी नहीं थे लेकिन कड़ी मेहनत के दम पर कोच इगोर स्टिमक की योजनाओं का अहम हिस्सा बन गये।

नयी दिल्ली, चार जुलाई भारतीय फुटबॉल टीम के डिफेंडर प्रीतम कोटल ने कहा कि वह प्रतिभा के इतने धनी नहीं थे लेकिन कड़ी मेहनत के दम पर कोच इगोर स्टिमक की योजनाओं का अहम हिस्सा बन गये।

अब कोटल भारतीय टीम के लिये नियमित रूप से मैदान पर उतरने वाले शुरूआती खिलाड़ियों में शामिल रहते हैं।

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कोटल ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की वेबसाइट से कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैं नैसर्गिक प्रतिभा का खिलाड़ी नहीं था और मुझे यह स्वीकार करने में कोई शर्म भी नहीं है। मैं जानता हूं कि मुझे कड़ी ट्रेनिंग और कड़े अभ्यास कार्यक्रम के जरिये अपनी कमियों से पार पाना पड़ा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि जिस दिन अभ्यास नहीं होता था, मैं कमरे में ट्रेनिंग किया करता था। ’’

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कोटल ने गोवा में एआईएफएफ केंद्र में अंडर-19 टीम के साथ हर अभ्यास सत्र को अपनी डायरी में लिखना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसलिये शुरू किया क्योंकि मैं अपनी गलतियों को कम करना चाहता था। इसमें सिर्फ मैं अभ्यास सत्र को ही नहीं बल्कि जो मैच खेले, उनके बारे में भी लिखा करता था। ’’

कोटल ने कहा, ‘‘बल्कि मैं अब भी ऐसा करता हूं। यह बहुत सरल चीज है लेकिन काफी प्रभावी है। हर कोई मैदान पर गलतियां करता है और गलतियों को कम करने के लिये हमें कड़ी ट्रेनिंग की जरूरत है। हर ट्रेनिंग सत्र के बाद मैं डायरी में लिखता हूं। अगले दिन मैदान पर उतरने से पहले मैं उन चीजों को देखता हूं ताकि मैं उन गलतियों को दोबारा नहीं करूं। इसके पीछे कोई बड़ा विज्ञान नहीं है, लेकिन इससे मुझे मदद मिलती है। मैं इसे हर दिन करता हूं। ’’

कोटल अब तक 36 अंतरराष्ट्रीय और 10 उम्र ग्रुप अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उन्होंने स्वीकार किया कि एएफसी एशिया कप यूएई 2019 में बहरीन से मिली हार दिल तोड़ने वाली थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उस दिन के बाद से मजबूत हुए हैं। फुटबॉलर की जिंदगी ऐसे क्षणों से भरी होती है। इससे हमने सबक सीखा और यह हम सभी के लिये नयी शुरूआत रही। इसने ब्लू टाइगर्स (हमें) को सुधार कैसे करना चाहिए और कब करना चाहिए, सिखाया। हम अब हर दिन सुधार कर रहे हैं। ’’

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