देश की खबरें | 'अगस्ता वेस्टलैंड जांच को लेकर कंपनी के साथ कारोबार निलंबित करने से मौजूदा करार प्रभावित नहीं होंगे'

नयी दिल्ली, 27 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में उसके खिलाफ सीबीआई जांच के कारण डेफसिस सॉल्यूशंस कंपनी के साथ व्यापारिक सौदे निलंबित करने के केंद्र के आदेश से मौजूदा अनुबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

रक्षा उपकरणों की आपूर्ति करने वाली कंपनी डेफसिस सॉल्यूशंस की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के बैंकर इसके रोजाना के कामकाज में बाधा नहीं डालेंगे। कंपनी ने केंद्र के आदेश को चुनौती दी है।

याचिकाकर्ता कंपनी ने कहा कि वह भारत के साथ व्यापार करती रही है और 2007 से विभिन्न रक्षा उपकरणों और पुर्जों की नियमित आपूर्तिकर्ता थी। कंपनी ने कहा कि व्यवसाय निलंबित किए जाने का कारण अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ चल रही जांच के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की कथित सूचना थी।

सीबीआई का मामला अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद में 3,600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से संबंधित है। एजेंसी ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि इस सौदे के कारण सरकारी खजाने को करीब 2,666 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ। वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए 8 फरवरी, 2010 को सौदे पर हस्ताक्षर किए गए थे।

अदालत ने आदेश पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका को सुनवाई के लिए 17 जनवरी को सूचीबद्ध किया और केंद्र से इस बीच जवाब में एक संक्षिप्त हलफनामा दायर करने को कहा।

केंद्र सरकार की ओर पेश वकील ने रक्षा मंत्रालय द्वारा नौ दिसंबर को पारित निलंबन आदेश का बचाव किया और कहा कि जहां तक याचिकाकर्ता के मौजूदा अनुबंधों का सवाल है, तो यह आदेश से प्रभावित नहीं होगा।

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