देश की खबरें | मणिपुर के मंत्रियों, विधायकों की संपत्ति की लूट में शामिल संदिग्यों की पहचान हुई : मुख्यमंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 16 नवंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान मंत्रियों और विधायकों की संपत्ति लूटने में शामिल संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इंफाल, 22 नवंबर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 16 नवंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान मंत्रियों और विधायकों की संपत्ति लूटने में शामिल संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और इस संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने एक मंत्री के दिवंगत पिता की तस्वीर को उनके घर में जलाने, एक विधायक के आवास में लूटपाट करने और एक कार शोरूम में गोलीबारी करने जैसी घटनाओं की निंदा की और आश्चर्य जताया कि क्या इस तरह के कृत्य किसी आंदोलन का हिस्सा हो सकते हैं।
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोकतांत्रिक आंदोलन के नाम पर कुछ गिरोहों ने मंत्रियों और विधायकों के घरों में लूटपाट और आगजनी की। सीसीटीवी के माध्यम से संदिग्धों की पहचान की गई है और उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। मुझे सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए शर्म आती है कि मणिपुर में ऐसी चीजें हो रही हैं।’’
लोगों से ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सिर्फ सरकार को दोष नहीं दें। हमें भी खुद को सही करने की जरूरत है।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें जिरीबाम जिले में बच्चों और महिलाओं की हत्या के खिलाफ विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ वास्तव में कोई आपत्ति नहीं है।
सिंह ने कहा, ‘‘लेकिन राजनीतिक रूप से प्रेरित जिन गिरोहों ने स्थिति का फायदा उठाया है, हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जिरीबाम में 10 या 11 आतंकवादियों को नहीं मार गिराया होता तो 11 नवंबर को करीब 100 नागरिक मारे गए होते, क्योंकि हमलावर बोरोबेक्रा में एक राहत शिविर तथा एक थाने पर कब्जा करना चाहते थे।
सिंह ने कहा कि इसलिए केंद्रीय बलों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की जानी चाहिए।
सिंह ने कहा, ‘‘जब स्थिति सुधरेगी, तो हम (मोबाइल) इंटरनेट पर प्रतिबंध हटाना सुनिश्चित करेंगे। हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) भी जिरीबाम में निर्दोष लोगों की हत्या के मामले को देख रहा है, लेकिन राज्य सरकार भी चुप नहीं बैठी है। हम भी उनकी तलाश कर रहे हैं। सरकार नागरिकों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करने का प्रयास करेगी।’’
मणिपुर में पिछले सप्ताह जिरीबाम में विस्थापित व्यक्तियों के लिए बने शिविर से तीन मेइती महिलाओं और तीन बच्चों सहित छह लोगों के लापता हो जाने के बाद विरोध प्रदर्शनों की एक नयी लहर देखी गई है। यह घटना हथियारबंद लोगों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी के बाद हुई थी, जिसमें 10 कुकी युवकों की मौत हो गई थी।
पिछले साल मई से इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती और समीपवर्ती पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 220 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर क्षेत्रीय स्वायत्तता की वकालत करने के लिए कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर निशाना साधा जिसे बाद में उन्होंने हटा लिया था।
अमेरिका में अदाणी समूह के खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उद्योगपति गौतम अदाणी को गिरफ्तार करने का आग्रह करने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत को नीचे गिराने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या भारत वही करेगा जो अमेरिका कहेगा? आरोप निराधार हैं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 22, 2024 05:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

