देश की खबरें | हल्द्वानी में अतिक्रमण से प्रभावित भूमि का सर्वेंक्षण शुरू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रेलवे द्वारा यहां बनभूलपुरा की भूमि पर दावे के बीच उत्तराखंड सरकार ने रविवार को एक सर्वेंक्षण शुरू किया जिससे यह पता चले कि इसमें से कितनी भूमि राज्य सरकार की है।
हल्द्वानी (उत्तराखंड), 29 जनवरी रेलवे द्वारा यहां बनभूलपुरा की भूमि पर दावे के बीच उत्तराखंड सरकार ने रविवार को एक सर्वेंक्षण शुरू किया जिससे यह पता चले कि इसमें से कितनी भूमि राज्य सरकार की है।
नैनीताल के अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों पर इस जमीन का राजस्व विभाग, वन विभाग और रेलवे द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह सर्वेंक्षण 1959 के नक्शे के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वन विभाग के खंभे को ढूंढा जा रहा है जिसके बाद रेलवे और नजूल और फिर फ्रीहोल्ड के खंभे को देखा जाएगा। जोशी ने यह भी बताया कि रेलवे की जमीन कितनी है, यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बनभूलपुरा इस महीने की शुरूआत में तब फोकस में आया जब इसके निवासी रेलवे की भूमि पर अंतिक्रमण को ध्वस्त किए जाने के उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सडकों पर उतरे।
पांच जनवरी को हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने रेलवे के दावे के अनुसार उसकी 29 एकड़ जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के उच्च न्यायालय के इस फैसले को 'मानवीय मुद्दा' बताते हुए उस पर रोक लगा दी थी और कहा था कि पचास हजार लोगों को रातों-रात नहीं उजाड़ा जा सकता।
रेलवे के अनुसार, उसकी भूमि पर 4365 अतिक्रमणकारियों ने कब्जा किया है और उस विवादित भूमि पर करीब 50 हजार लोग रह रहे हैं जिनमें से ज्यादातर मुसलमान हैं।
उच्चतम न्यायालय ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख सात फरवरी नियत की है।
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