देश की खबरें | बुजुर्ग मरीज के लिये अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटाने वाले सूरत के डॉक्टर एक नवंबर को लौटेंगे घर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जान की परवाह न करते हुए अपना ऑक्सीजन सपोर्ट एक बुजुर्ग मरीज को देने वाले सूरत निवासी डॉक्टर संकेत मेहता अब “ठीक” हैं और उन्होंने यहां से वापस अपने घर जाने के लिए एक नवंबर का हवाई टिकट भी बुक करा लिया है। मेहता को महामारी से उबरने के लिये 90 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 27 अक्टूबर जान की परवाह न करते हुए अपना ऑक्सीजन सपोर्ट एक बुजुर्ग मरीज को देने वाले सूरत निवासी डॉक्टर संकेत मेहता अब “ठीक” हैं और उन्होंने यहां से वापस अपने घर जाने के लिए एक नवंबर का हवाई टिकट भी बुक करा लिया है। मेहता को महामारी से उबरने के लिये 90 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।

कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने वाले मेहता उस समय सुर्खियों में आए थे जब सूरत के एक अस्पताल में खुद गंभीर स्थिति में होने के बावजूद एक बुजुर्ग की जान बचाने के लिये उन्होंने अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था। उस अस्पताल में 45 दिनों तक उनका इलाज चला था।

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उन्हें स्वास्थ्य बिगड़ने पर 13 सितंबर को विमान से चेन्नई लाया गया था लेकिन अब उनके स्वास्थ्य में सुधार है और वह सामान्य रूप से सांस ले रहे हैं। एमसीएम हेल्थकेयर में उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एमजीएम हेल्थकेयर के नैदानिक निदेशक और परामर्शदाता अपार जिंदल ने कहा कि जब उन्हें लाया गया था तो कोविड-19 की वजह से उनके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंच चुका था।

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उन्होंने कहा, “यहां उनका इलाज शुरू होने के बाद उनके फेफड़ों में काफी सुधार नजर आया और अब वह सामान्य रूप से सांस ले रहे हैं। हमें डॉ. मेहता जैसे एक ‘नायक’ और कोरोना योद्धा को फिर स्वस्थ करने पर प्रसन्नता है।”

संवाददाताओं ने जब पूछा कि वह कैसे हैं, तो संवाददाता सम्मेलन के दौरान अपने बेड पर बैठे मेहता ने ‘थम्स अप’ का निशाना दिखाते हुए हल्की आवाज में कहा, “मै ठीक हूं।”

यह पूछे जाने पर कि बुजुर्ग मरीज के वास्ते अपना ऑक्सीजन सपोर्ट हटाने के लिये उन्हें किस चीज ने प्रेरित किया, उन्होंने कहा, “यह (मरीज की जान बचाना) एक डॉक्टर का कर्तव्य है।”

एमजीएम हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट के सह-निदेशक सुरेश राव ने कहा, “मेहता को विमान से लाया गया था…उनकी हालत ऐसी थी कि वह अपनी उंगली भी नहीं हिला सकते थे।”

उन्होंने कहा कि उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें एक्मो सपोर्ट से हटा दिया गया।

उन्होंने कहा, “वह अपना सामान्य जीवन फिर से शुरू करने के बेहद इच्छुक हैं और वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने एक नवंबर को अपना विमान का टिकट (सूरत वापस जाने का) भी बुक करा लिया है।”

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