देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने 300 से अधिक पेड़ों को गिराने का आदेश बरकरार रखा

नयी दिल्ली, आठ फरवरी उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में रेलवे के पांच ओवरब्रिज के निर्माण तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-112 के एक हिस्से को चौड़ा करने के लिए 300 से अधिक पेड़ों को गिराए जाने की अनुमति देने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को बुधवार को बरकरार रखा।

शीर्ष न्यायालय ने 20 सितंबर 2018 को उच्च न्यायालय के आदेश को अमल में लाने पर रोक लगा दी थी।

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि पेड़ों की रक्षा करना या क्षतिपूर्ति वनीकरण को लागू करना आवश्यक है, लेकिन साथ ही रेलवे ओवरब्रिज की भी आवश्यकता है, जो सेतु भारतम परियोजना का हिस्सा हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘इसके मद्देनजर, हमें उच्च न्यायालय के फैसले में कोई गलती नहीं मिली।’’

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मामले के सभी पहलुओं पर गौर किया है।

उसने एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स’ की याचिका खारिज कर दी जिसमें रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण तथा सीमा के समीप बारासात से पेट्रापोल तक राष्ट्रीय राजमार्ग-112 को चौड़ा करने के लिए 350 से अधिक पेड़ों को काटने पर उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी।

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